Haridwar: देवभूमि ने शिवभक्त कांवड़ियों पर की पुष्पवर्षा, मुख्यमंत्री धामी ने चरण प्रक्षालन कर किया सम्मान
हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिवभक्त कांवड़ियों का चरण प्रक्षालन कर उनका सम्मान और अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवा शिविर का किया शुभारंभ, शिवभक्तों को अपने हाथों से परोसा भोजन; उत्कृष्ट सेवाओं के लिए पुलिसकर्मियों और पर्यावरण मित्रों का किया सम्मान

हरिद्वार, 4 अगस्त 2026। धर्मनगरी हरिद्वार में मंगलवार को कांवड़ यात्रा के दौरान आस्था, सेवा और सम्मान का अद्भुत संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देवभूमि उत्तराखंड ने देशभर से आए शिवभक्त कांवड़ियों का भव्य स्वागत किया। इस दौरान हरकी पैड़ी से लेकर कांवड़ यात्रा मार्ग तक हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई, जबकि अलकनंदा होटल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पांच शिवभक्त कांवड़ियों का चरण प्रक्षालन कर उनका अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए स्थापित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा शिविर का शुभारंभ भी किया। उन्होंने शिविर में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सकीय व्यवस्थाओं और आपातकालीन सुविधाओं का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों से श्रद्धालुओं को त्वरित उपचार, आवश्यक दवाइयां और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की जानकारी ली।
इसके बाद मुख्यमंत्री विभिन्न राज्यों से आए शिवभक्तों के बीच पहुंचे और अपने हाथों से उन्हें भोजन परोसकर सेवा की। उन्होंने श्रद्धालुओं का अभिवादन करते हुए उनकी यात्रा की सफलता और मंगलकामना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार का संकल्प है कि देवभूमि आने वाले प्रत्येक शिवभक्त को सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना का विराट पर्व है। इसके सफल संचालन के लिए राज्य सरकार सभी विभागों के समन्वय से निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों से उन्हें कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों के बीच जाकर उनकी सेवा करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास के केंद्र हैं। कठिन परिस्थितियों में भी श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर “बम-बम भोले” के जयघोष के साथ अपनी भक्ति का परिचय देते हैं। कांवड़ यात्रा अनुशासन, सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक एक करोड़ से अधिक शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण एवं विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक, श्रीराम जन्मभूमि, केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ मास्टर प्लान जैसी परियोजनाएं भारतीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिला रही हैं।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण कर उसे भव्य और दिव्य स्वरूप प्रदान किया गया है। आस्था पथ, सरस्वती घाट, आदि शंकराचार्य की प्रतिमा और तीर्थ पुरोहित आवास जैसी अनेक सुविधाएं विकसित की गई हैं। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में प्रस्तावित गंगा कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी योजनाएं धार्मिक पर्यटन और राज्य के समग्र विकास को नई गति देंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी, एंबुलेंस सेवाएं, स्वास्थ्य शिविर और आपातकालीन सहायता की व्यापक व्यवस्था की गई है। उन्होंने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान अनुशासन, मर्यादा और धार्मिक परंपराओं का पालन करने की अपील भी की।
मुख्यमंत्री ने पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पर्यावरण मित्रों, स्वच्छता कर्मियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और सेवा कार्यों में जुटे सभी कर्मयोगियों की सराहना करते हुए कहा कि उनके सामूहिक प्रयासों से ही इतनी विशाल कांवड़ यात्रा का सफल संचालन संभव हो पाता है।
कार्यक्रम के दौरान कांवड़ यात्रा के सफल संचालन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पांच पुलिसकर्मियों और पांच पर्यावरण मित्रों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान उन सभी कर्मयोगियों के प्रति राज्य की कृतज्ञता का प्रतीक है, जो यात्रा के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए दिन-रात कार्य कर रहे हैं।
इस अवसर पर महामंडलेश्वर ललितानंद गिरी महाराज, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, विधायक आदेश चौहान, हरिद्वार की मेयर किरण जैसल, रुड़की की मेयर अनिता अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल, दिनेश कौशिक, डॉ. जयपाल सिंह चौहान, श्यामवीर सैनी, शोभाराम प्रजापति, नितिन गौतम, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष विक्रम भुल्लर, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, मेलाधिकारी सोनिका, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, आईजी (कुंभ मेला) योगेंद्र सिंह रावत, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, एसएसपी (कुंभ मेला) आयुष अग्रवाल, नगर आयुक्त नंदन कुमार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, पुलिस अधीक्षक (यातायात) निशा यादव, अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक नगर अभय प्रताप सिंह, सचिव एचआरडीए प्रत्यूष सिंह, उपजिलाधिकारी योगेश मेहरा, उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, प्रशासनिक अधिकारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़िए मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने किया।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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