गढ़वाल आयुक्त ने केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा, सुरक्षा व आपदा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता
रुद्रप्रयाग में केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप एवं उपस्थित अधिकारी।
रुद्रप्रयाग बैठक में यात्रा प्रबंधन, स्वच्छता, ट्रैफिक व्यवस्था, भ्रामक सूचनाओं की रोकथाम और मानसून आपदा तैयारियों पर सख्त निर्देश, सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के आदेश
रुद्रप्रयाग ,01 जून 2026: आयुक्त गढ़वाल मंडल आनंद स्वरूप द्वारा सोमवार को रुद्रप्रयाग पहुंचकर श्री केदारनाथ धाम यात्रा व्यवस्थाओं एवं आगामी मानसून सीजन के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने हेतु की गई तैयारियों की व्यापक समीक्षा की गई। जिला कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों से यात्रा के दौरान सामने आ रही समस्याओं, चुनौतियों तथा उनके निराकरण हेतु सुझाव भी प्राप्त किए गए।
बैठक में जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा ने आयुक्त गढ़वाल को अवगत कराया कि यात्रा प्रारंभ होने के बाद अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के सुगम दर्शन कर चुके हैं। यात्रा अवधि के दौरान एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा कंट्रोल रूम के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है तथा स्वास्थ्य, विद्युत, पेयजल, परिवहन, सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि यात्रा हेतु गैस सिलेंडर एवं ईंधन की आवश्यकता अनुसार उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। सभी अस्पताल एवं स्वास्थ्य केंद्र पूर्ण रूप से क्रियाशील हैं तथा म्यूल टास्क फोर्स निरंतर कार्यरत है। 8 हजार से अधिक घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण एवं बीमा किया जा चुका है। निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई की जा रही है तथा अतिक्रमण वाले डेरे हटाए गए हैं। पशु चिकित्सालयों में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं रेंडम चेकिंग भी कराई जा रही है।
बैठक में यात्रा मार्ग पर स्थापित शौचालयों, पेयजल, विद्युत, सोलर लाइट, स्ट्रीट लाइट, शटल सेवा तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। आयुक्त महोदय ने विशेष रूप से शौचालयों की स्वच्छता, पर्याप्त सफाई कार्मिकों की तैनाती, सफाई सामग्री एवं पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सेक्टर मजिस्ट्रेटों के माध्यम से नियमित एवं रेंडम निरीक्षण कराने को कहा।
आयुक्त महोदय ने यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने पर बल दिया तथा उरेडा विभाग से सोलर लाइट एवं वैकल्पिक ऊर्जा व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदाय की भागीदारी से यात्रा प्रबंधन और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
आपदा प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने निर्देश दिए कि संभावित आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक राशन सामग्री, ड्राई राशन एवं पकाए जाने वाले राशन के पैकेट अलग-अलग श्रेणियों में तैयार रखे जाएं। इसके साथ ही उन्होंने मध्यमहेश्वर क्षेत्र सहित अन्य दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों में आपदा न्यूनीकरण कार्यों पर भी विशेष चर्चा की।
बैठक में यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं द्वारा शॉर्टकट रास्तों का उपयोग किए जाने की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए ऐसे स्थानों पर स्पष्ट साइनेज, चेतावनी बोर्ड एवं आवश्यक बैरिकेडिंग लगाए जाने के निर्देश दिए गए ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। इसके साथ ही केदारनाथ के वैकल्पिक ट्रैक रूट पर किए गए कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई तथा आगामी वर्ष की यात्रा में उसके उपयोग की संभावनाओं पर विचार किया गया।
पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर द्वारा यात्रा रूट प्लान, ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था एवं आपातकालीन सेवाओं की जानकारी प्रस्तुत की गई। आयुक्त महोदय ने सोनप्रयाग सहित प्रमुख यात्रा प्रारंभिक बिंदुओं पर भीड़ प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा कंट्रोल रूम तथा प्रमुख स्थलों से नियमित अनाउंसमेंट की व्यवस्था की जाए ताकि यात्रियों को समय-समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध हो सके।
बैठक में यात्रा से संबंधित भ्रामक सूचनाओं एवं अफवाहों की रोकथाम पर भी विशेष चर्चा की गई। आयुक्त गढ़वाल ने निर्देश दिए कि सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों पर प्रसारित भ्रामक खबरों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा संबंधित विभाग तत्काल तथ्यात्मक जानकारी जारी कर उनका प्रभावी खंडन करें। उन्होंने कहा कि भ्रम फैलाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने की स्थिति में श्रद्धालुओं को अस्थाई रूप से रोके जाने पर विभिन्न होल्डिंग स्थानों में यात्रियों के लिए पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा एवं आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित रखी जाए। साथ ही ऑयल टैंकर एवं भारी मालवाहक वाहनों के रात्रिकालीन संचालन संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन कराने तथा इसकी नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
आयुक्त गढ़वाल ने सभी विभागों को आपसी समन्वय, सहयोग एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यात्रा अनुभव प्रदान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने तथा उच्च न्यायालय के निर्देशों एवं शासन की गाइडलाइन के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं संचालित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत, अधिशासी अभियंता एनएच ओंकार पांडे, जिला पूर्ति अधिकारी के.एस. कोहली, जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा, अधिशासी अभियंता डीडीएमए राजविंद सिंह, पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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