Dream 11: रातों-रात करोड़पति बना दयाराम , जीते तीन करोड़, ऐसे पाया मुकाम
Dream 11 Winner Daya Ram: Mirzapur News: उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर जिले के दयाराम की रातों-रात चमकी किस्मत। दयाराम ने ड्रीम11 के मेगा कॉन्टेस्ट में 3 करोड़ रुपए जीतकर रातों रात करोड़पति बन गए हैं। उनकी जीत ने ना केवल उन्हें खुश किया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि किस्मत कभी भी बदल सकती है। दयाराम ने कहा कि मुझे उम्मीद नहीं थी कि मैं इतनी बड़ी रकम जीत पाऊं, लेकिन हम हमेशा नियमित खिलाड़ियों और पिच के एनालिसिस के आधार पर टीम बनाते थे, यही कारण था कि हम मेगा कॉन्टेस्ट में पहले स्थान पर पहुंचे। दयाराम की उपलब्धि पर उनके घर में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
दयाराम का मुंशी से करोड़पति तक का सफर
मिली जानकारी के मुताबिक, मिर्जापुर जिले के दढ़िया गांव के 46 वर्षीय दयाराम मड़िहान तहसील में एक अधिवक्ता के यहां मुंशी का काम करते थे। क्रिकेट के शौकीन दयाराम ने ढाई साल पहले भारत और श्रीलंका के बीच एक मैच में ड्रीम 11 का विज्ञापन देखा और इस खेल के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने ड्रीम 11 खेलना शुरू किया और धीरे-धीरे कई बड़े मैचों में किस्मत आजमाई। उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप, आईपीएल और घरेलू लीग के मैचों में भी भाग लिया, जहां उन्होंने 5 हजार से लेकर 75 हजार रुपए तक जीते थे।
होली के बाद छोड़ा काम, IPL में जीते 3 करोड़ रुपए
दयाराम ने एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत में बताया कि वह मुंशी का काम करते हुए ड्रीम 11 खेलते थे, लेकिन समय की कमी के कारण अच्छे से एनालिसिस नहीं कर पाते थे। होली के बाद उन्होंने मुंशी का काम छोड़ दिया और आईपीएल की तैयारी में जुट गए। इस बार उन्होंने अच्छे से एनालिसिस किया और अपनी टीम बनाई। उनका कहना है कि बचपन से ही उन्हें क्रिकेट का शौक था और अब उस शौक को पूरा करने का उन्हें मौका मिला है।
बच्चों को देंगे अच्छी शिक्षा और बनाएंगे नया घर
दयाराम ने यह भी बताया कि उनकी जीत का राज “इंपैक्ट प्लेयर” पर काम करने से मिला। उन्होंने बताया कि पहले इंपैक्ट प्लेयर की जानकारी नहीं थी, लेकिन इस बार आईपीएल से पहले उन्होंने इस पर विशेष ध्यान दिया और बड़ी जीत हासिल की। दयाराम ने कहा कि अब हम इस पैसे से अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देंगे। हमारे 2 बेटे और एक बेटी हैं, उनके लिए हम कुछ अच्छा करेंगे। इसके अलावा, घर भी बनवाएंगे। आपको बता दे दयाराम मड़िहान तहसील में अधिवक्ता के मुंशी का काम करते हैं, उनकी कमाई की बात किया जाए तो 300 रुपये प्रति दिन हो जाती थी, परिवार चलाना मुश्किल हो रहा था , आज भी दयाराम का खपड़े वाला कच्चा मकान जिसमें वह रहते हैं ,किस्मत चमक जाने के बाद खुश हैं।
ड्रीम 11 को अलविदा, अब कोई और सपना नहीं
दयाराम ने यह भी कहा कि अब वह ड्रीम 11 नहीं खेलेंगे। उनका कहना है कि जो शौक था, वह अब पूरा हो गया है। अब कोई और चाहत नहीं है। वहीं दयाराम की इस जीत ने यह साबित कर दिया कि कभी भी किस्मत बदल सकती है, और एक सही कदम व्यक्ति को उसकी मंजिल तक पहुंचा सकता है

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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