देहरादून: CM धामी ने वन विकास निगम रजत जयंती में किया प्रतिभाग, कुमाऊं में नए कार्यालय की घोषणा
रजत जयंती समारोह में उत्तराखंड वन विकास निगम के कार्यक्रम में प्रतिभाग करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री धामी ने “हिमकाष्ठ” मोबाइल एप लॉन्च किया, इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन पर दिया जोर

देहरादून ,29 अप्रैल 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तराखंड वन विकास निगम की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में आयोजित रजत जयंती समारोह में प्रतिभाग किया। इस मौके पर उन्होंने कुमाऊं मंडल में वन विकास निगम का नया कार्यालय खोलने की घोषणा की। साथ ही मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए वन क्षेत्रों में बी-बॉक्स स्थापित करने का प्रस्ताव कैबिनेट में लाने के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वन विकास निगम के कर्मचारियों के उन बच्चों को सम्मानित किया, जिन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विकास निगम राज्य की इकोनॉमी के साथ ही इकोलॉजी के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। निगम वनों के वैज्ञानिक प्रबंधन, वन उपज के टिकाऊ दोहन, आरक्षित वन क्षेत्रों में खनन और इको-टूरिज्म संचालन के साथ ही प्रमाणित लकड़ी की सरकारी आपूर्ति करता है। उन्होंने कहा कि निगम केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सूखे और मृतप्राय पेड़ों को हटाकर नए वन विकसित करने में भी सहयोग कर रहा है। साथ ही इको-टूरिज्म के माध्यम से युवाओं और छात्रों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने “हिमकाष्ठ” मोबाइल एप का लोकार्पण किया। उन्होंने बताया कि इस एप के माध्यम से वन विकास निगम से लकड़ी की बिक्री और फॉरेस्ट प्रोडक्ट्स की ऑनलाइन नीलामी की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि ई-नीलामी प्रणाली और अन्य ऑनलाइन प्रक्रियाओं से इस क्षेत्र में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विकास निगम ने 25 वर्षों की यात्रा में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। पिछले वर्ष निगम ने 167 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया, जो संसाधनों के सही उपयोग और बेहतर नीति का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा—घने जंगल, ऊंचे पर्वत, ग्लेशियर, नदियां और जैव विविधता—राज्य की अमूल्य धरोहर हैं। इनकी रक्षा करना वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक है। राज्य सरकार “इकोनॉमी, इकोलॉजी और टेक्नोलॉजी” के संतुलन के साथ आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने पर्यटकों और तीर्थयात्रियों से अपील की कि वे पर्यटन स्थलों और जंगल क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखें और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करें।
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य में इकोनॉमी और इकोलॉजी के संतुलन के साथ वन संरक्षण के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में वन विकास निगम ने 627 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया और नवाचारों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक सविता कपूर, मोहन सिंह बिष्ट, सुरेश गड़िया, प्रमोद नैनवाल, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक रंजन कुमार मिश्र, सचिव सी. रविशंकर, प्रबंध निदेशक नीना ग्रेवाल सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
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