Chamoli Tunnel Accident: टनल से एक और श्रमिक का शव बरामद, लापता दो श्रमिकों की तलाश तेज
चमोली टनल हादसे के बाद एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियां लापता श्रमिकों की तलाश में सघन रेस्क्यू अभियान चला रही हैं।
टनल हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हुई, दो श्रमिक अब भी लापता; एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियां पानी की निकासी के साथ युद्धस्तर पर चला रहीं सर्च ऑपरेशन
चमोली, 15 अगस्त 2026। चमोली जिले के मायापुर-पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त को हुए हादसे के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। शनिवार को रेस्क्यू अभियान के दौरान टनल से एक और लापता श्रमिक का शव बरामद किया गया। शव की पहचान देवनाथ पुत्र धनसुराम बघेल, निवासी दहीकोंगा, छत्तीसगढ़ के रूप में हुई है। शव को टनल से बाहर निकालकर जिला चिकित्सालय, गोपेश्वर भेज दिया गया है। इसके साथ ही हादसे में मृत श्रमिकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है, जबकि टनल में फंसे दो अन्य श्रमिकों की तलाश अभी जारी है।
टनल के भीतर युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन
लापता श्रमिकों तक पहुंचने के लिए एसडीआरएफ की टीम निरीक्षक करण सिंह के नेतृत्व में टनल के भीतर लगातार सघन सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चला रही है। एसडीआरएफ के साथ एनडीआरएफ, जिला पुलिस, प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें भी समन्वय बनाकर अभियान में जुटी हैं।
रेस्क्यू टीमें टनल के संभावित स्थानों पर तकनीकी संसाधनों और आवश्यक उपकरणों की मदद से बारीकी से सर्च कर रही हैं। लापता दोनों श्रमिकों की तलाश को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है और अभियान को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।
टनल से पानी निकालने का काम तेज
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सबसे बड़ी चुनौती टनल के भीतर जमा पानी और मलबा है। संभावित स्थानों तक रेस्क्यू टीमों की सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए पानी की निकासी का काम भी तेजी से किया जा रहा है। इसके लिए सक्शन पंपों सहित अन्य आवश्यक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पानी का स्तर कम होने और रास्ता सुगम होने के साथ ही रेस्क्यू टीमों को टनल के भीतर आगे बढ़कर उन स्थानों तक पहुंचने में मदद मिलेगी, जहां लापता श्रमिकों के मौजूद होने की संभावना है।
13 अगस्त को टनल में आया था मलबे और पानी का सैलाब
दरअसल, गुरुवार 13 अगस्त को चमोली जिले में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (टीएचडीसी) की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में अचानक मलबे और पानी का सैलाब आ गया था। हादसे के समय टनल के भीतर कुल 22 श्रमिक फंस गए थे।
घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, जिला प्रशासन और अन्य रेस्क्यू एजेंसियों ने संयुक्त रूप से अभियान शुरू किया। राहत एवं बचाव टीमों के प्रयासों से कई श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद शुक्रवार को टनल से सात श्रमिकों के शव बरामद किए गए थे।
शनिवार को एक और श्रमिक का शव मिलने के बाद हादसे में मृतकों की संख्या आठ पहुंच गई है। अब टनल में दो श्रमिक लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है।
हर संभावित स्थान पर सर्च, रेस्क्यू अभियान की निगरानी
जिला प्रशासन की ओर से रेस्क्यू अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें आपसी समन्वय से टनल के भीतर संभावित सभी स्थानों पर सघन सर्च अभियान चला रही हैं।
रेस्क्यू कार्य को गति देने के लिए मौके पर आवश्यक संसाधन और उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पानी की निकासी, टनल के भीतर आवाजाही सुगम बनाने और संभावित स्थानों तक पहुंचने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
प्रशासन और रेस्क्यू एजेंसियों का पूरा फोकस अब टनल में लापता दोनों श्रमिकों तक पहुंचने पर है। बचाव दल पूरी तत्परता के साथ अभियान में जुटे हैं और लापता श्रमिकों की तलाश के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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