Bageshwar News Update: अधिवक्ता हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा, प्रेमिका और उसका भाई गिरफ्तार
अधिवक्ता हत्याकांड का खुलासा, प्रेमिका और भाई गिरफ्तार।
चारपाई के नीचे छिपाया शव, फिर कार में डालकर नदी में फेंका; हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड और कार बरामद
बागेश्वर, 4 नवंबर 2026। 17 दिनों से लापता चल रहे चर्चित अधिवक्ता एवं पूर्व सभासद धीरेन्द्र परिहार (35) की हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में एक महिला और उसके भाई को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच के अनुसार, अधिवक्ता और महिला के बीच प्रेम संबंध थे। दोनों के बीच विवाद और घटना की रात जबरदस्ती के प्रयास के विरोध में हुई कहासुनी के बाद महिला ने कथित तौर पर लोहे की रॉड से हमला कर अधिवक्ता की हत्या कर दी। वारदात के बाद शव को पहले घर में चारपाई के नीचे छिपाया गया और फिर भाई की मदद से कार में डालकर नदी में फेंक दिया गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर तीन नवंबर की शाम गोमती नदी के पास से अधिवक्ता का शव बरामद कर लिया। हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड और शव ठिकाने लगाने में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर ली गई है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लता भंडारी और उसके भाई त्रिभुवन सिंह बिष्ट उर्फ बबलू के रूप में हुई है। शुरुआती जांच और पूछताछ में सामने आया कि अधिवक्ता धीरेन्द्र परिहार और महिला के बीच वर्ष 2020 से नजदीकियां थीं। वर्ष 2022 में दोनों के संबंधों में कुछ दूरी भी आई थी, लेकिन इसके बावजूद उनके बीच संपर्क बना हुआ था।
नशे की हालत में महिला के घर पहुंचा था अधिवक्ता
पुलिस की पूछताछ में महिला ने बताया कि 17 अक्टूबर की रात अधिवक्ता अत्यधिक शराब के नशे में उसके घर पहुंचा था। वहां दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि अधिवक्ता ने उसके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। महिला ने इसका विरोध किया और गुस्से में घर में रखी लोहे की रॉड से अधिवक्ता के सिर पर दो वार कर दिए। हमले के बाद अधिवक्ता जमीन पर गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। काफी देर तक कोई हलचल नहीं होने पर महिला ने शव को घर में अपनी चारपाई के नीचे छिपा दिया।
अगले दिन भाई को बताई हत्या की बात
पुलिस के मुताबिक, 18 अक्टूबर की सुबह महिला अपने भाई त्रिभुवन सिंह बिष्ट उर्फ बबलू के पास कठायतबाड़ा पहुंची और उसे पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद दोनों ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। 19 अक्टूबर की रात भाई महिला के घर पहुंचा। दोनों ने अधिवक्ता के शव को मैग्नाइट कार की पिछली सीट पर रखा और बागेश्वर-गिरेछीना मोटर मार्ग पर थुनाई बैंड के पास से गहरी खाई के रास्ते नदी में फेंक दिया।
तीन नवंबर को बरामद हुआ सड़ा-गला शव
अधिवक्ता के लापता होने के मामले की जांच के दौरान पुलिस आरोपियों तक पहुंची। पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर पुलिस ने सर्च अभियान चलाया और तीन नवंबर की शाम गोमती नदी के पास से अधिवक्ता का सड़ा-गला शव बरामद किया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड और शव को ठिकाने लगाने में प्रयुक्त मैग्नाइट कार भी कब्जे में ले ली।
पुलिस ने मामले में हत्या, साक्ष्य मिटाने समेत अन्य संबंधित धाराएं बढ़ाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शव का पंचायतनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई। दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में कोतवाली पुलिस टीम ने मामले की जांच करते हुए इस हत्याकांड का खुलासा किया।
— Uttarakhand Morning Post

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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