Uttarakhand Weather Update: पहाड़ से मैदान तक झमाझम बारिश, 2 अगस्त से और सक्रिय होगा मानसून
2 अगस्त से मानसून और सक्रिय होने के आसार, कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी।
मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और नैनीताल समेत कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। 2 से 4 अगस्त के बीच मानसून के और अधिक सक्रिय होने, भारी बारिश, भूस्खलन और सड़क बाधित होने की आशंका जताई गई है।
देहरादून, 31 जुलाई 2026। उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। पहाड़ से लेकर मैदान तक अधिकांश क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए हुए हैं और हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून द्वारा शुक्रवार सुबह 9:30 बजे जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के अधिकांश जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा तथा गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और नैनीताल जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा पर्वतीय जिलों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने तथा वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की भी संभावना व्यक्त की गई है।
2 अगस्त से मानसून होगा और सक्रिय
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 1 अगस्त को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। हालांकि 2 अगस्त से मानसून के और अधिक सक्रिय होने के संकेत हैं। 2 से 4 अगस्त के बीच कई जिलों में तेज बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है।
विभाग ने 31 जुलाई से 4 अगस्त तक प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला रहने का पूर्वानुमान जारी करते हुए इस अवधि के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश के कारण संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने, पहाड़ी सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों के बाधित होने, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने तथा निचले इलाकों में जलभराव जैसी स्थितियां बनने की आशंका जताई गई है।
अगले चार दिनों का मौसम पूर्वानुमान
1 अगस्त: देहरादून, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना है। पर्वतीय क्षेत्रों में आकाशीय बिजली चमकने और वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की चेतावनी जारी की गई है। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर सहित मैदानी क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
2 अगस्त: देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल जिलों में भारी बारिश की संभावना है। पर्वतीय क्षेत्रों में तेज वर्षा और आकाशीय बिजली को लेकर येलो अलर्ट जारी रहेगा।
3 अगस्त: देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों में भारी वर्षा का अनुमान है। पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश तथा मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी रहेगी।
4 अगस्त: देहरादून, टिहरी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में आकाशीय बिजली और तेज बारिश के दौर की संभावना है, जबकि मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है।
सामान्य से 10 प्रतिशत अधिक हुई बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. विक्रम सिंह तोमर ने बताया कि इस मानसून सीजन में अब तक उत्तराखंड में सामान्य से लगभग 10 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है। लगातार बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश में 104 सड़कें बंद
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा गुरुवार शाम 6:30 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में फिलहाल 104 सड़कें बंद हैं। इनमें एक राष्ट्रीय राजमार्ग, दो बीआरओ सड़कें, एक एमडीआर, 17 लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की सड़कें तथा 84 पीएमजीएसवाई एवं ग्रामीण सड़कें शामिल हैं।
सबसे अधिक 23 सड़कें चमोली, 19 पिथौरागढ़, 17 रुद्रप्रयाग, 12 टिहरी, 7-7 पौड़ी और बागेश्वर तथा 6 सड़कें देहरादून जिले में बंद हैं।
केदारनाथ और यमुनोत्री पैदल मार्ग पर भी असर
रिपोर्ट के अनुसार रुद्रप्रयाग जिले में गौरीकुंड के पास केदारनाथ पैदल मार्ग पर मलबा और पत्थर गिरने से मार्ग अस्थायी रूप से बाधित हुआ, जिसके चलते यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया।
वहीं उत्तरकाशी जिले में जानकीचट्टी के पास यमुनोत्री पैदल मार्ग पर नदी का जलस्तर बढ़ने और लगातार बारिश से फिसलन बढ़ने के कारण यात्रियों की आवाजाही एहतियातन रोक दी गई। बाद में बड़कोट-नौगांव राष्ट्रीय राजमार्ग से मलबा हटाकर यातायात सुचारु कर दिया गया।
प्रमुख नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर
प्रशासन प्रदेश की प्रमुख नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां चेतावनी स्तर के करीब बह रही हैं। इसके अलावा हरिद्वार में गंगा, उत्तरकाशी में भागीरथी, बागेश्वर में सरयू और गोमती तथा पिथौरागढ़ में काली, गोरी और सरयू नदियों के जलस्तर की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
हालांकि फिलहाल सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन लगातार वर्षा को देखते हुए प्रशासन ने सतर्क रहने की सलाह दी है।
चारधाम यात्रा जारी, यात्रियों से सतर्क रहने की अपील
बारिश के बावजूद चारधाम यात्रा सुचारु रूप से जारी है। गुरुवार शाम तक बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में इस यात्रा सीजन के दौरान 45.63 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। केवल गुरुवार को ही 6,781 श्रद्धालुओं ने चारों धामों में दर्शन किए।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और सड़क मार्ग की ताजा जानकारी अवश्य लें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने विशेष रूप से पर्वतीय जिलों के निवासियों और यात्रियों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान नदी-नालों के किनारे जाने से बचें। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतें तथा मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगस्त की शुरुआत के साथ प्रदेश में बारिश का दौर और तेज हो सकता है, जिससे कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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