Uttarakhand Weather Update: तीन दिन भारी बारिश, 17 अगस्त तक ऑरेंज अलर्ट; IMD का ताजा अपडेट
उत्तराखंड में मानसून सक्रिय, भारी बारिश के बीच कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी.
पिथौरागढ़-बागेश्वर में आज ऑरेंज अलर्ट, 16 अगस्त को पांच जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी; 105 सड़कें बंद, नदियां चेतावनी स्तर से ऊपर।
देहरादून, 15 अगस्त 2026। उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। पहाड़ से लेकर मैदान तक बारिश का दौर जारी है। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के बीच पिछले 24 घंटे में कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। चंपावत जिले के लोहाघाट में सर्वाधिक 111 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश और गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने की आशंका जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
वहीं, देहरादून, हरिद्वार, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, चमोली, उत्तरकाशी, नैनीताल और चंपावत में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले कुछ दिन मानसून की गतिविधियां सक्रिय रहने वाली हैं और 17 अगस्त तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
आज पिथौरागढ़ और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 15 अगस्त को पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन दोनों जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। इसे देखते हुए दोनों जिलों को ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है।
इसके अलावा देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, नैनीताल और चंपावत जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश और गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद नहीं है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर देखने को मिल सकते हैं।
पिछले 24 घंटे में लोहाघाट में सबसे ज्यादा 111 मिमी बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में पिथौरागढ़, चंपावत, बागेश्वर, नैनीताल, चमोली, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, अल्मोड़ा और पौड़ी गढ़वाल जिलों के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम, भारी और कुछ जगहों पर मूसलाधार बारिश दर्ज की गई।
सबसे अधिक बारिश लोहाघाट में 111 मिमी रिकॉर्ड हुई। इसके बाद चंपावत में 72 मिमी, पार्टी में 71 मिमी, पोखरी में 70 मिमी, बेरीनाग में 68 मिमी, थल में 66 मिमी, धारचूला में 60 मिमी, नैनीताल में 59 मिमी, थराली और भीमताल में 55-55 मिमी, मुक्तेश्वर और खानपुर में 53-53 मिमी, कांडा में 49 मिमी तथा सौंग में 48 मिमी बारिश दर्ज की गई।
16 अगस्त को कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार 16 अगस्त को बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। देहरादून, चंपावत, बागेश्वर, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
प्रदेश के शेष जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
17 अगस्त को तीन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
17 अगस्त को देहरादून, पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश के अन्य जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा।
18 अगस्त को चार जिलों में येलो अलर्ट
18 अगस्त को देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी और रुद्रप्रयाग जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, अन्य जिलों में भी वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना बनी रहेगी।
मानसून सीजन में 27 लोगों की मौत, 105 सड़कें बंद
मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं के कारण अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कें प्रभावित हैं। प्रदेश में वर्तमान में 105 सड़कें बंद बताई गई हैं। इनमें पिथौरागढ़ समेत कई पर्वतीय जिलों के संपर्क मार्ग शामिल हैं।
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
टिहरी बांध का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर
लगातार बारिश का असर नदियों और जलाशयों के जलस्तर पर भी दिखाई दे रहा है। टिहरी बांध का जलस्तर 815.06 मीटर पहुंच गया है, जो निर्धारित 815 मीटर के चेतावनी स्तर से 6 सेंटीमीटर ऊपर है। हालांकि बांध का खतरे का स्तर 830 मीटर है।
इसी तरह देवप्रयाग में गंगा का जलस्तर 889.20 मीटर दर्ज किया गया है, जो 889 मीटर के चेतावनी स्तर से 20 सेंटीमीटर ऊपर है। नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
19-20 अगस्त को हल्की से मध्यम बारिश के संकेत
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 19 और 20 अगस्त को प्रदेश में भारी बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आने की संभावना है। इसके बाद अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। हालांकि पर्वतीय इलाकों में स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण कहीं-कहीं तेज बारिश की संभावना बनी रह सकती है।
प्रशासन और यात्रियों के लिए अलर्ट
लगातार बारिश को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने, जलभराव और नदियों-नालों के जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की स्थिति को देखते हुए ही यात्रा की योजना बनाने की अपील की है।
विशेषकर भूस्खलन संभावित मार्गों, नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। अगले तीन दिन उत्तराखंड के लिए मौसम के लिहाज से अहम रहने वाले हैं।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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