Uttarakhand Weather Update: उत्तराखंड में आज भारी बारिश का येलो अलर्ट, मानसून हुआ तेज; IMD की चेतावनी
उत्तराखंड में मानसून तेज होने के साथ कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी, मौसम विभाग ने सतर्क रहने की सलाह दी।
18 जुलाई से बारिश और तेज होने के संकेत, कई जिलों में ऑरेंज-येलो अलर्ट; 20 जुलाई तक प्रशासन अलर्ट मोड पर
देहरादून, 17 जुलाई 2026। उत्तराखंड में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पहाड़ से लेकर मैदान तक मौसम का मिजाज बदल चुका है और अधिकांश क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के अनुसार शुक्रवार सुबह 8:30 बजे तक प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई। इसके साथ ही आज प्रदेश के अधिकांश जिलों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज बारिश के दौर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 18 जुलाई से बारिश की तीव्रता और बढ़ने की संभावना जताई गई है।
बारिश के आंकड़ों की बात करें तो पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग में सर्वाधिक 86 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा सौंग में 50.5 मिमी, हल्द्वानी में 47.5 मिमी, कांडा में 30 मिमी, मालदेवता, टनकपुर और थल में 9-9 मिमी तथा बागेश्वर में 8.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई। कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के कई अन्य क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश हुई।
18 जुलाई से और सक्रिय होगा मानसून
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शुक्रवार को देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत और रुद्रप्रयाग जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं प्रदेश के सभी 13 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी व्यक्त की गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि 18 जुलाई से मानसून और अधिक सक्रिय होगा। इसे देखते हुए देहरादून और बागेश्वर जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, उत्तरकाशी, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और पिथौरागढ़ में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।
20 जुलाई तक प्रशासन अलर्ट मोड पर
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि 20 जुलाई तक प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसे देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन तंत्र ने संबंधित जिलों के प्रशासन को सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन, उफनते नाले, नदी-गदेरे और पहाड़ी मार्गों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
तापमान गिरेगा, भूस्खलन का खतरा बढ़ेगा
लगातार बारिश के चलते प्रदेश के अधिकतम तापमान में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है, जिससे भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन तथा नदियों और बरसाती नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि का खतरा बना रहेगा। ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की है।
गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से बारिश नहीं होने के कारण मैदानी क्षेत्रों में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही थी। लेकिन बीते दो दिनों की वर्षा के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और मौसम अपेक्षाकृत सुहावना हुआ है, हालांकि कई स्थानों पर उमस का असर अभी भी बना हुआ है।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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