उत्तराखंड चुनाव 2022: दलबदलू नेताओं का विरोध शुरू
बाजपुर। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर राजनीतिक दलों ने जहां चुनावी गतिविधियां गतिविधियां तेज कर दी हैं वहीं इस बार दलबदल करने वाले नेताओं की मुसीबत भी बढ़ सकती है। किसान, राजनैतिक और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों की बैठक में दल-बदल करने वाले और बाहरी लोगों का विरोध करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य का क्षेत्र में आने पर कड़ा विरोध करने का निर्णय लिया गया।
दल-बदल करने पर कड़ा विरोध करने का निर्णय
चीनी मिल अतिथि गृह में आयोजित बैठक में पूर्व कैबिनेट मंत्री आर्य पर दल-बदल करने पर कड़ा विरोध करने का निर्णय लिया गया। पूर्व जिला पंचायत सदस्य कुलविंदर सिंह किंदा, जिला पंचायत सदस्य अजीत पाल जाट, जनजाति नेता हीरा सिंह ने कहा कि यशपाल आर्य अपने हित के लिए जब चाहे दल-बदल कर लेते हैं। कहा कि जो भी पार्टी किसी बाहरी व्यक्ति को अपना प्रत्याशी बनाएगी, उस पार्टी का विरोध किया जाएगा।
बैठक में सहमति पर बार-बार दल-बदल करने वाले यशपाल आर्य को न वोट देने और न ही कोई सहयोग करने, दल-बदलू नेताओं का बाजपुर में विरोध करने, उन्हें प्रोत्साहित करने वाले स्थानीय नेताओं का बहिष्कार करने, कोई भी पार्टी या दल किसी बाहरी व्यक्ति को बाजपुर विधानसभा में प्रत्याशी बनाता है तो उस दल का विरोध करने, बाजपुर बचाओ संघर्ष समिति बनाने सहित छह प्रस्ताव पारित किए गए।
इधर, कांग्रेस नगराध्यक्ष राजेंद्र बेदी ने कहा कि बैठक में जो निर्णय लिए गए हैं उन्हें पार्टी के उच्च पदाधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। भाजपा में रहते आर्य बीस गांव की भूमि प्रकरण और किसान आंदोलन में चुप्पी साधे रहे। इसलिए विरोध स्वाभाविक है।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
हमारे व्हाट्सएप समाचार ग्रुप से जुड़ें
फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ को लाइक करें
टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ने के लिए क्लिक करें
हमारे इस नंबर 9927164214 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



उत्तराखंड साप्ताहिक मौसम पूर्वानुमान (15–21 जून 2026): पहाड़ों में बारिश की फुहार, मैदानों में गर्मी की मार—मानसून से पहले मौसम में बड़ा बदलाव