Uttarakhand News: घर लौट रहे BSF जवान की ट्रेन में संदिग्ध मौत, जहरखुरानी की आशंका
ट्रेन में बीएसएफ जवान की संदिग्ध मौत की जांच में जुटी पुलिस
जैसलमेर से रुड़की लौट रहे हेड कांस्टेबल सत्यपाल सिंह काठगोदाम स्टेशन पर अचेत मिले, इलाज के दौरान मौत; मोबाइल, पर्स और सामान भी गायब
हल्द्वानी/रुड़की। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के रुड़की निवासी और सीमा सुरक्षा बल (BSF) में तैनात हेड कांस्टेबल सत्यपाल सिंह की ट्रेन यात्रा के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह छुट्टी लेकर राजस्थान के जैसलमेर से अपने घर लौट रहे थे। काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर वह ट्रेन के जनरल कोच में अचेत अवस्था में मिले। उन्हें तत्काल हल्द्वानी स्थित डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय (एसटीएच) पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मामले में जहरखुरानी गिरोह की आशंका जताई जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी काठगोदाम ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, 53 वर्षीय सत्यपाल सिंह पुत्र नेतराम हरिद्वार जिले के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र स्थित राज विहार कॉलोनी, मिलाप नगर, रुड़की के निवासी थे। वह वर्तमान में राजस्थान के जैसलमेर में BSF की 20वीं बटालियन में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। छुट्टी मिलने के बाद वह अपने घर लौटने के लिए 27 जून को ट्रेन से रवाना हुए थे।
बेटे को फोन कर दी थी रवाना होने की सूचना
परिजनों के मुताबिक, रविवार को जोधपुर पहुंचने पर सत्यपाल सिंह ने अपने बेटे को फोन कर बताया था कि वह ट्रेन से घर के लिए निकल चुके हैं। इसके बाद उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका। आशंका है कि यात्रा के दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद उनका मोबाइल फोन, पर्स, बैग और अन्य जरूरी दस्तावेज चोरी कर लिए गए।
काठगोदाम स्टेशन पर अचेत मिले
29 जून की सुबह जब रानीखेत एक्सप्रेस अपने अंतिम स्टेशन काठगोदाम पहुंची, तो ट्रेन के जनरल डिब्बे की जांच के दौरान सत्यपाल सिंह अचेत अवस्था में मिले। सूचना मिलने पर सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) मौके पर पहुंची और उन्हें तत्काल डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय भेजा, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
आधार कार्ड से हुई पहचान
शुरुआत में मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी, जिसके चलते पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति मानकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। बाद में उनकी जेब में मिले आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों के आधार पर उनकी पहचान BSF के हेड कांस्टेबल सत्यपाल सिंह के रूप में हुई। पहचान होते ही पुलिस ने परिजनों और जैसलमेर स्थित BSF अधिकारियों को सूचना दी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
जहरखुरानी की आशंका, हत्या का केस दर्ज
प्रारंभिक जांच में पुलिस जहरखुरानी गिरोह की भूमिका की आशंका से इनकार नहीं कर रही है। मृतक का मोबाइल, पर्स, सामान और अन्य जरूरी दस्तावेज गायब मिलने से लूट के उद्देश्य से वारदात किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को जीआरपी थाना काठगोदाम ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने बढ़ाई निगरानी
एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि रेलवे स्टेशन और बस अड्डों के आसपास पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। वहीं, जीआरपी थाना काठगोदाम के प्रभारी कमल कोरंगा ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ट्रेन में मौजूद सहयात्रियों, रेलवे स्टाफ और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है, ताकि घटना की वास्तविक वजह सामने लाई जा सके।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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