#WomenEntrepreneurs

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं के लिए राखी निर्माण पारंपरिक हुनर को स्वरोजगार में बदलने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। मालदेवता की लीला रावत और अलका रावत की सास-बहू की जोड़ी ने पिछले वर्ष 1,200 राखियों से करीब ₹25 हजार का मुनाफा कमाया। इस वर्ष 2 हजार से अधिक राखियां तैयार करने का लक्ष्य है। ऑनलाइन ऑर्डर और प्रमुख मॉलों व सचिवालय में प्रस्तावित स्टॉल से महिला समूहों को स्थानीय बाजार के साथ नए ग्राहक वर्ग तक पहुंच मिलने की उम्मीद है।... Read More
मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के जरिए ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण, आर्थिक सहयोग, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। देहरादून के 13 गांव में प्रस्तावित राज्य स्तरीय विपणन केंद्र से प्रदेशभर के स्वयं सहायता समूहों के स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। योजना के तहत अब तक 13 हजार से अधिक उद्यमियों को सहयोग और 8 हजार से अधिक महिला उद्यमियों एवं स्वयं सहायता समूह सदस्यों को उद्यमिता व आजीविका के अवसरों से जोड़ा गया है।... Read More