रुद्रप्रयाग: केदारनाथ धाम पहुंचे 11 लाख से ज्यादा श्रद्धालु, डीएम ने साझा की यात्रा, जनगणना और मानसून तैयारियों की जानकारी
रुद्रप्रयाग में प्रेस वार्ता को संबोधित करते जिलाधिकारी विशाल मिश्रा।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने प्रेस वार्ता में विशेष गहन पुनरीक्षण, जनगणना, केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं, यातायात प्रबंधन और मानसून तैयारियों की प्रगति की विस्तृत जानकारी दी।
रुद्रप्रयाग, 06 जून 2026। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विशाल मिश्रा ने शनिवार को जिला कार्यालय स्थित एनआईसी सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), जनगणना गतिविधियों तथा श्री केदारनाथ धाम यात्रा व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी साझा की।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में 01 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर उत्तराखंड में निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है।
मतदाता सूची शुद्धिकरण में जनसहभागिता का आह्वान
जिलाधिकारी ने बताया कि 29 मई से 07 जून तक प्रशिक्षण एवं तैयारियों का कार्य पूरा कर लिया गया है। 08 जून से 07 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। जनपद में 362 मतदेय स्थलों के लिए 362 बीएलओ तैनात किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रारूप निर्वाचक नामावली 14 जुलाई को प्रकाशित होगी। इसके बाद 13 सितंबर तक दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी तथा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की।
जनगणना के दूसरे चरण की तैयारियां जारी
जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना का पहला चरण यानी हाउस लिस्टिंग का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इसके लिए 599 प्रगणक एवं पर्यवेक्षक तैनात किए गए थे।
उन्होंने बताया कि जनगणना का दूसरा चरण दो भागों में आयोजित होगा। दुर्गम एवं हिमपात प्रभावित क्षेत्रों में यह कार्य सितंबर 2026 में तथा अन्य क्षेत्रों में फरवरी 2027 में किया जाएगा। उन्होंने आमजन से सही एवं सटीक जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
केदारनाथ यात्रा में 11 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
जिलाधिकारी ने बताया कि 05 जून 2026 तक 11,05,676 श्रद्धालु श्री केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। लगभग 48 हजार श्रद्धालुओं ने हेली सेवा का लाभ लिया है।
उन्होंने कहा कि अस्वस्थ यात्रियों को तत्काल स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक 75 मरीजों का हेली रेस्क्यू किया गया है। वहीं 1,59,763 श्रद्धालुओं को ओपीडी एवं आपातकालीन सेवाओं का लाभ दिया गया तथा 1,10,504 यात्रियों की चिकित्सीय स्क्रीनिंग की गई है।
यातायात, प्रवर्तन और घोड़ा-खच्चर संचालन पर सख्ती
जिलाधिकारी ने बताया कि यात्रा अवधि में परिवहन विभाग द्वारा 1,550 वाहनों के चालान किए गए हैं, जिनसे करीब 24 लाख रुपये की कंपाउंडिंग फीस वसूल की गई है।
उन्होंने बताया कि घोड़ा-खच्चर संचालन में अनियमितताओं के मामलों में चार एफआईआर दर्ज की गई हैं। नियमों के उल्लंघन पर 200 से अधिक संचालकों को प्रतिबंधित किया गया है। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
मानसून और आपदा प्रबंधन को लेकर प्रशासन सतर्क
जिलाधिकारी ने बताया कि आगामी मानसून को देखते हुए महत्वपूर्ण हेलीपैडों से अतिक्रमण हटाया गया है, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में उनका प्रभावी उपयोग किया जा सके।
उन्होंने कहा कि मद्महेश्वर क्षेत्र में आपदा प्रबंधन से जुड़ी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए शासन से अनुरोध किया गया है। सभी विभागों को मानसून से पूर्व आवश्यक तैयारियां पूरी करने और संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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