Pauri Garhwal News: भारी बारिश में मकान ढहा, चार लोग मलबे में दबे; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
भारी बारिश के बीच पौड़ी के महरगांव में भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान में जुटी टीमें।
महरगांव में मलबे में दबे लोगों में एक महिला सुरक्षित निकली, SDRF-प्रशासन की टीमें रेस्क्यू में जुटीं; कई सड़कें बंद, कल्पेश्वर मंदिर के पास भी भूस्खलन।

पौड़ी गढ़वाल, 18 अगस्त 2026। उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच पौड़ी गढ़वाल में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। सतपुली तहसील क्षेत्र के महरगांव (भलगांव) में मंगलवार सुबह भारी मलबा गिरने से एक मकान धराशायी हो गया। प्रारंभिक सूचना के अनुसार हादसे के समय मकान में चार लोग मौजूद थे और उनके मलबे में दबे होने की सूचना मिली। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें तत्काल मौके के लिए रवाना हुईं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
प्रशासन के अनुसार, मलबे में दबे लोगों में से एक महिला को ग्रामीणों की तत्परता से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। घटनास्थल पर एंबुलेंस और मेडिकल टीम भी भेजी गई है। प्रशासन एवं पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद हैं और मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है।
आपदा कंट्रोल रूम पहुंचकर डीएम ने लिया जायजा
जनपद में लगातार बारिश और भूस्खलन की घटनाओं के बीच जिलाधिकारी मंगलवार को तत्काल आपदा कंट्रोल रूम पहुंचे। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में बारिश, भूस्खलन, राहत एवं बचाव कार्यों और आवश्यक सेवाओं की स्थिति की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से क्षेत्रवार जानकारी लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
महरगांव में भूस्खलन की सूचना मिलते ही प्रशासन, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमों को मौके पर भेजा गया। वहीं बैरगांव में भूस्खलन की घटना में घायल महिला सुशीला देवी को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्काल सतपुली हंस चिकित्सालय पहुंचाया, जहां उसका उपचार चल रहा है।
कई सड़कें बाधित, जेसीबी से खोलने का काम तेज
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण जनपद में कई स्थानों पर सड़कें बाधित हुई हैं। जिलाधिकारी ने सभी प्रभावित मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल खोलने के निर्देश दिए हैं। उनके निर्देश पर सतपुली-गुमखाल मार्ग पर बाधित हिस्सों को जेसीबी की मदद से खोल दिया गया है, जबकि गुमखाल-द्वारीखाल-महरगांव मार्ग को सुचारू करने के लिए भी मशीन भेजी गई है।
प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी सड़कें बाधित हों, वहां बिना देरी के मशीनें भेजकर यातायात बहाल किया जाए। उधर, लगातार बारिश के कारण सिलगाड़ और लंगूरगाड़ नदियों का जलस्तर बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में भी खतरा बना हुआ है। सरुड़ा गांव में पंचायत घर और खोह नदी के किनारे बने मकानों पर खतरे की स्थिति को देखते हुए निगरानी रखी जा रही है। लंगूरगाड़ नदी के बढ़ते प्रवाह से सुभाष बाजार वार्ड का कंडवाल मोहल्ला भी प्रभावित होने की आशंका है।
एनएच-534 पर भूस्खलन, कल्पेश्वर मंदिर क्षेत्र में भी मलबा
बारिश के कारण एनएच-534 पर कई स्थानों पर भूस्खलन होने से यातायात प्रभावित हुआ है। वहीं रपटे में जलस्तर बढ़ने से भी स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
इसी बीच ज्योतिर्मठ की उर्गम घाटी स्थित पांचवें केदार भगवान कल्पेश्वर महादेव मंदिर के पास भी भारी भूस्खलन हुआ है। पहाड़ी से आए मलबे के कारण मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र प्रभावित हुआ है। मलबा जमा होने से मंदिर तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बाधित हो गई है। फिलहाल मलबा हटाए जाने और रास्ता सुचारू होने तक श्रद्धालुओं के लिए मंदिर तक पहुंचना मुश्किल बना हुआ है।
लगातार बारिश के बीच प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव टीमों को अलर्ट रखा है। प्रभावित मार्गों को खोलने और लोगों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई लगातार की जा रही है।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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