Nainital News: अपराधियों पर डीएम की बड़ी कार्रवाई, चार जिला बदर; चार के शस्त्र लाइसेंस निरस्त
डीएम ललित मोहन रयाल ने अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की।
कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख, तीन मामलों में गुंडा एक्ट और चार मामलों में शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई समाप्त; डीएम बोले- अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ जारी रहेगा।
नैनीताल, 11 जुलाई 2026: जनपद नैनीताल में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा अपराधियों एवं शस्त्रों के दुरुपयोग पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने शनिवार को दो बड़े फैसले लेते हुए व्यापक कार्रवाई की है। जिलाधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल के निर्देश पर एक ओर चार आदतन अपराधियों को गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत छह माह के लिए जनपद से जिला बदर किया गया, वहीं दूसरी ओर शस्त्रों के दुरुपयोग और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर चार व्यक्तियों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए गए। साथ ही प्रशासन ने निष्पक्ष समीक्षा के बाद तीन मामलों में गुंडा एक्ट तथा चार मामलों में शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई भी समाप्त कर दी।
जिला प्रशासन के अनुसार रामनगर निवासी रोहित पांडे, मल्लीताल निवासी देव सिंह जाटव, हल्द्वानी निवासी गौरव मेहंदी रत्ता तथा हिमांशु पंत उर्फ पटाखा के विरुद्ध हत्या के प्रयास, शस्त्र अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, चोरी सहित विभिन्न गंभीर आपराधिक मामलों में कई मुकदमे दर्ज हैं। इनके आपराधिक इतिहास और गतिविधियों को देखते हुए जिलाधिकारी ने चारों को छह माह के लिए नैनीताल जनपद की सीमा से बाहर रहने के आदेश जारी किए हैं, ताकि जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनी रहे।
इसी क्रम में जिला प्रशासन ने शस्त्रों के दुरुपयोग के मामलों में भी कड़ी कार्रवाई करते हुए चार शस्त्र अनुज्ञप्तियां निरस्त कर दीं। काठगोदाम निवासी त्रिभुवन चंद द्वारा सार्वजनिक स्थान पर लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग किए जाने तथा रामनगर निवासी ललित बेलवाल के लाइसेंसी हथियार का दुरुपयोग होने के मामलों को गंभीर मानते हुए उनके लाइसेंस रद्द कर दिए गए। इसके अलावा आपराधिक मामलों में संलिप्त पाए जाने के आधार पर बनभूलपुरा निवासी इश्तियाक अली और मोहम्मद सलीम के शस्त्र लाइसेंस भी निरस्त कर दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि लाइसेंसी हथियार रखना एक विशेष वैधानिक अधिकार है, जिसका जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग किया जाना अनिवार्य है।
वहीं उपलब्ध अभिलेखों और तथ्यों की विस्तृत समीक्षा के बाद जिला प्रशासन ने बिंदुखत्ता निवासी चंदन टाकुली, लालकुआं निवासी विश्वनाथ तथा काठगोदाम निवासी जीवन कनवाल के विरुद्ध चल रही गुंडा एक्ट की कार्रवाई समाप्त कर दी। इसी प्रकार शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण से जुड़े चार अन्य मामलों में भी पर्याप्त आधार न मिलने पर कार्रवाई समाप्त कर दी गई।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि जनपद में आम नागरिकों की सुरक्षा, शांति और कानून-व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है। अपराधियों के विरुद्ध जिला बदर, शस्त्रों के दुरुपयोग पर लाइसेंस निरस्तीकरण और मामलों की निष्पक्ष समीक्षा—ये सभी कदम प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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