Navratri Special: शारदीय नवरात्रि पर गुरु जी की शुभकामनाएं, मां पीतांबरा की कृपा से मंगलमय हो जीवन
शारदीय नवरात्रि पर सत्य साधक गुरु जी ने भक्तों को दीं मंगलकामनाएं।
साधना, संयम और आध्यात्मिक शक्ति के संचय का पर्व है नवरात्रि, गुरु जी ने देश-विदेश के भक्तों को दिया शुभकामना संदेश
लखनऊ/देहरादून। जय मां पीतांबरी साधना एवं दिव्य योग ट्रस्ट के संस्थापक सत्य साधक श्री विजेंद्र पांडे गुरु जी ने शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर देश-विदेश और विभिन्न प्रदेशों में निवास करने वाले भक्तों को शुभकामनाएं देते हुए मां दुर्गा और मां बगलामुखी पीतांबरा माई की कृपा प्राप्त करने का संदेश दिया। गुरु जी ने कहा कि शारदीय नवरात्रि साधना, संयम, भक्ति और आध्यात्मिक उन्नति की दृष्टि से विशेष महत्व रखने वाला पर्व है। यह समय मां भगवती की आराधना के साथ आत्मचिंतन, सकारात्मक विचारों और मन की एकाग्रता को सुदृढ़ करने का अवसर भी प्रदान करता है।
सत्य साधक श्री विजेंद्र पांडे गुरु जी के संदेश के अनुसार, नवरात्रि के नौ दिनों में श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार व्रत, पूजन, जप, हवन, भजन और योग-साधना के माध्यम से मां भगवती की आराधना करते हैं। इस दौरान संयम, अनुशासन और सात्विक आचरण का विशेष महत्व माना जाता है। नवरात्रि के समापन पर अष्टमी अथवा नवमी तिथि पर परंपरा के अनुसार कन्या पूजन किया जाता है। भक्त मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की उपासना कर सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति की कामना करते हैं।
मां बगलामुखी पीतांबरा माई की उपासना का विशेष महत्व
शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की शक्ति उपासना के साथ मां बगलामुखी पीतांबरा माई की आराधना का भी विशेष महत्व है। दस महाविद्याओं में मां बगलामुखी को आठवीं महाविद्या माना जाता है। पीले रंग के प्रति विशेष धार्मिक परंपरा के कारण उन्हें पीतांबरा माई के नाम से भी संबोधित किया जाता है। उनकी उपासना में पीले वस्त्र, पीले पुष्प, आसन और नैवेद्य का विशेष स्थान माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां बगलामुखी स्तम्भन शक्ति की अधिष्ठात्री देवी हैं। उनकी आराधना को नकारात्मकता, शत्रुतापूर्ण प्रयासों और प्रतिकूल परिस्थितियों पर नियंत्रण की कामना से जोड़ा जाता है। भक्त मां पीतांबरा माई की साधना के माध्यम से मानसिक दृढ़ता, आत्मविश्वास, एकाग्रता और विपरीत परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति प्राप्त करने की कामना करते हैं।
साधना के साथ संयम और सकारात्मक संकल्प का संदेश
सत्य साधक श्री विजेंद्र पांडे गुरु जी ने अपने संदेश में शारदीय नवरात्रि को केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित न रखते हुए इसे आत्मशुद्धि, अनुशासन और सकारात्मक संकल्प का अवसर बताया। नवरात्रि के दौरान की जाने वाली साधना व्यक्ति को अपने विचारों, व्यवहार और आचरण पर ध्यान देने की प्रेरणा देती है। श्रद्धा के साथ नियमों का पालन, मन की एकाग्रता और सात्विक जीवनशैली आध्यात्मिक साधना के महत्वपूर्ण आधार माने जाते हैं।
मां बगलामुखी पीतांबरा माई की उपासना राजनीतिक, सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन में सफलता तथा बाधाओं से मुक्ति की कामना करने वाले अनेक साधकों के बीच भी विशेष आस्था रखती है। हालांकि, साधना का मूल भाव श्रद्धा, आत्मसंयम और सकारात्मक उद्देश्य के साथ आराधना करना है।
शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर सत्य साधक श्री विजेंद्र पांडे गुरु जी ने मां भगवती और मां बगलामुखी पीतांबरा माई के भक्तों के लिए मंगलकामना व्यक्त करते हुए पर्व को श्रद्धा, साधना और आध्यात्मिक जागरण के भाव के साथ मनाने का संदेश दिया।
— Uttarakhand Morning Post

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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