बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने के संघर्ष में तेजी – संगठन का विस्तार और बड़े आंदोलन का ऐलान
ग्रामवासियों ने संगठन को सशक्त किया, 6 मई को शहीद स्मारक पर बड़ा कार्यक्रम और राजस्व ग्राम के लिए आंदोलन का ऐलान”
लालकुआं ,05 अप्रैल 2026। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने के संघर्ष को तेज करने के उद्देश्य से आज ग्रामवासियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कई अहम निर्णय सर्वसम्मति से पारित किए गए।
वन अधिकार समिति का विस्तार और नई जिम्मेदारियां
बैठक में वन अधिकार समिति का विस्तार करते हुए इसे एक सशक्त संगठन के रूप में गठित किया गया। इस नवगठित संगठन में भूतपूर्व सैनिक संगठन और अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया।
सर्वसम्मति से उमेश चन्द्र भट्ट को अध्यक्ष, भरत नेगी को वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रमोद कॉलोनी, दीपक जोशी, बसंत पांडे और सूबेदार रंजीत गड़िया को उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया। बलवंत बिष्ट को सचिव और नंदन बोरा को उपसचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई।
आगामी आंदोलनों के सुचारु संचालन हेतु दीपक नेगी को व्यवस्थापक नियुक्त किया गया। इसके अलावा करम सिंह कोरंगा, सुशील यादव, पूर्व सैनिक भगत सिंह बिष्ट, पूर्व सैनिक दौलत सिंह, खीम सिंह कार्की, धन सिंह गड़िया, कुंवर सिंह पवार, प्रदीप कुंवर, अमर सिंह भाकुनी और बलवंत सम्मल को सह-व्यवस्थापक बनाया गया। कैप्टन हीरा सिंह बिष्ट और कविराज धामी को सभाओं के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई। महिला उपाध्यक्ष के रूप में मीना कपिल को चुना गया। वरिष्ठ सलाहकार के रूप में कैप्टन खिलाफ सिंह दानू, अर्जुन नाथ गोस्वामी, कैप्टन दलबीर सिंह कफोला, श्याम सिंह रावत, पूर्व ब्लाक प्रमुख संध्या डालाकोटी, कैप्टन इंद्र सिंह पनेरी और कैप्टन प्रताप सिंह बिष्ट को जिम्मेदारी दी गई।
बसंत पांडे को उपाध्यक्ष के साथ-साथ मीडिया प्रभारी का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया, जबकि सोशल मीडिया की जिम्मेदारी गौरव जोशी और भूपेश जोशी को दी गई। कृषक कोषाध्यक्ष के रूप में कैप्टन चंचल सिंह कोरंगा को नियुक्त किया गया।
आंदोलन और कार्यक्रम की योजना
बैठक में निर्णय लिया गया कि 6 मई 2026 को शहीद स्मारक के समीप “जन-जन की सरकार कब आएगी बिंदुखत्ता के द्वार” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में सरकार के जिम्मेदार प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को आमंत्रित किया जाएगा। कार्यक्रम से पूर्व एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के मुखिया से भेंट करेगा।
ग्रामवासियों ने स्पष्ट किया कि अगर इस कार्यक्रम में कोई जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित नहीं होता है, तो लगभग 10 हजार लोगों की भागीदारी के साथ डीएम आवास तक कूच किया जाएगा। इसके बावजूद समाधान नहीं होने पर बिंदुखत्ता और गौलापार के गांव लगभग 300 बसों के साथ राजधानी कूच करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर क्रमिक अनशन भी शुरू किया जाएगा।
बड़ा जनांदोलन और अभियान
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 18 फरवरी की तर्ज पर एक और बड़ा जनांदोलन शीघ्र आयोजित किया जाएगा। इसके तहत “बिंदुखत्ता मांगे राजस्व ग्राम” अभियान के तहत 15 हजार टी-शर्ट का वितरण जारी रहेगा। ग्रामवासियों से अपील की गई है कि वे टी-शर्ट पहनकर रैलियों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और घर-घर पोस्टर लगाएं।
स्थानीय समितियों और महिला भागीदारी
आगामी एक माह में नवनियुक्त समिति बिंदुखत्ता के सभी बूथों पर बैठक कर स्थानीय प्रतिनिधियों की नियुक्ति करेगी। इसमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में कुछ सदस्यों की निष्क्रियता को ध्यान में रखते हुए समाज कल्याण पेंशनों के सत्यापन के लिए एक उपसमिति का गठन भी किया गया। इस उपसमिति के माध्यम से ग्रामवार जिम्मेदारियां तय कर पेंशन आवेदनों का सत्यापन कराया जाएगा।
जन-जागरूकता और शिक्षा कार्यक्रम
ग्रामवासियों ने जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पूरे बिंदुखत्ता क्षेत्र में बाइक रैली आयोजित करने और इंटरमीडिएट से ऊपर के छात्र-छात्राओं के लिए वन अधिकार अधिनियम पर सेमिनार आयोजित करने का निर्णय लिया।
संकल्प और आगे की रणनीति
बैठक में उपस्थित सभी ग्रामवासियों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने तक यह संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
हमारे व्हाट्सएप समाचार ग्रुप से जुड़ें
फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ को लाइक करें
टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ने के लिए क्लिक करें
हमारे इस नंबर 9927164214 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें


