रुद्रप्रयाग: चारधाम यात्रा 2026 में प्रशासन सख्त, रात्रि औचक निरीक्षण में व्यवस्थाओं की गहन पड़ताल
स्वच्छता, सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर फोकस—अधिकारियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में संभाली कमान
ओवररेटिंग, अवैध गैस सिलेंडर और वाहनों पर कार्रवाई—यात्रा व्यवस्थाओं में लापरवाही पर सख्त रुख
रुद्रप्रयाग, 04 अप्रैल 2026: आगामी चारधाम यात्रा के सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने हेतु मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुपालन में वर्ष 2026 की श्री केदारनाथ धाम यात्रा को सुव्यवस्थित, स्वच्छ, सुगम, सुरक्षित,
एवं सफ़ल बनाने के लिए एक ओर जहां सारे विभाग अपनी पूरी ताकत से लगे हुए हैं वहीं इन तैयारियों की ग्राउंड रियलिटी को परखने के लिए जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा के नेतृत्व में आज रात अचानक जनपद के सारे आला अधिकारी सड़कों पर उतरे नज़र आए। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देशानुसार आज शनिवार को रात्रि 8 बजे के उपरांत जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया।

जिलाधिकारी ने स्वयं रुद्रप्रयाग से कुंड तक राष्ट्रीय राजमार्ग और उसकी मरम्मत की प्रगति का धरातलीय निरीक्षण कर विस्तृत जायजा लिया वहीं मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत द्वारा रुद्रप्रयाग के प्रारंभिक पॉइंट्स से सुमेरपुर तक नगर क्षेत्र एवं आसपास के इलाकों में स्वच्छता एवं शौचालय व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। उन्होंने रुद्रप्रयाग बस अड्डे के आसपास स्थित शौचालयों की साफ-सफाई का विशेष रूप से जायजा लेते हुए व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान रुद्रप्रयाग मुख्य बाजार में मोनो पान भंडार के समीप निर्मित यूरिनल में पानी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण दुर्गंध की समस्या पाई गई, जिस पर संबंधित विभाग को तत्काल पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं नियमित साफ-सफाई के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त रुद्रप्रयाग से सुमेरपुर तक सड़क के दाईं ओर बनी नालियों में प्लास्टिक बोतलें एवं अन्य कूड़ा जमा पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की तथा निर्देशित किया कि प्रातःकाल घर-घर से कूड़ा संग्रह करने वाली वाहन सेवा के माध्यम से इन नालियों में जमा कचरे का भी नियमित रूप से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे स्वच्छता व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके।

अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा द्वारा पीडब्ल्यूडी कार्यालय से धरमोला, तिलवाड़ा आदि क्षेत्रों तक निरीक्षण कर साफ-सफाई, शौचालयों में पानी की उपलब्धता, शराब की दुकानों एवं रेस्टोरेंट्स का जायजा लिया गया। इस दौरान शराब की दुकानों में ओवररेटिंग को जांचा गया तथा निर्धारित दरों पर ही विक्रय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही तिलवाड़ा क्षेत्र के कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं रेस्टोरेंट्स में घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध उपयोग पाए जाने पर सिलेंडरों को जब्त किया गया।
उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी, उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत एवं उपजिलाधिकारी जखोली द्वारा अपने-अपने तहसील क्षेत्रों में भीड़भाड़ वाले एवं संवेदनशील स्थलों, सड़कों की स्थिति तथा शराब की दुकानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान ओवररेटिंग की जांच करते हुए विक्रेताओं को निर्धारित मूल्य पर ही विक्रय करने तथा स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

तहसीलदार रुद्रप्रयाग प्रणव पांडे तथा तहसीलदार ऊखीमठ एवं जखोली द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में सड़क, पेयजल एवं विद्युत व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। साथ ही वाहनों में अवैध शराब की चेकिंग अभियान भी चलाया गया।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कुलवंत चौहान द्वारा तिलणी, सुमेरपुर आदि क्षेत्रों में वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान 28 से अधिक वाहनों की जांच की गई, जिनमें 11 वाहनों का चालान किया गया। चेकिंग के दौरान रिफ्लेक्टर, टैक्स, पीयूसीसी, परमिट, बीमा, अतिरिक्त सवारी, कंडक्टर लाइसेंस, नंबर प्लेट एवं ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित विभिन्न अनियमितताएं पाई गईं।
जिलापूर्ति अधिकारी द्वारा सहायक आयुक्त खाद्य और औषधि प्रशासन के साथ होटल, रेस्टोरेंट में गैस की आपूर्ति की जांच करते हुए और कमर्शियल गैस सिलेंडर के स्थान पर घरेलू सिलेंडरो के उपयोग तथा रेस्टोरेंट्स में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, फूड लाइसेंस एवं ओवररेटिंग की जांच की गई।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी राहुल चौबे द्वारा तिलवाड़ा से अगस्त्यमुनि के मध्य होटल एवं होमस्टे का निरीक्षण कर आवश्यक अभिलेखों, पंजीकरण एवं यात्रियों की पहचान संबंधी व्यवस्थाओं की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान तिलवाड़ा पीना स्थित एक होटल में घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग पाया गया तथा उक्त होटल पर्यटन व्यवसाय नियमावली के अंतर्गत पंजीकृत भी नहीं पाया गया, जिस पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की गई।
इसके अतिरिक्त अगस्त्यमुनि के सिल्ली क्षेत्र में संचालित दो होम स्टे का निरीक्षण किया गया, जो नियमानुसार पंजीकृत नहीं पाए गए तथा होम स्टे संचालन से संबंधित निर्धारित मानकों का पालन भी नहीं कर रहे थे। उक्त के क्रम में संबंधित संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
अधिशासी अधिकारी नगर पालिका रुद्रप्रयाग, नगर पंचायत अगस्त्यमुनि, तिलवाड़ा एवं गुप्तकाशी द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में साफ-सफाई व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग ऊखीमठ द्वारा निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की गई तथा कार्यों को समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
इस दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु इस प्रकार के औचक निरीक्षण निरंतर जारी रहेंगे, जिससे कि आगामी यात्रा में देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े और वे उत्तराखंड के बारे में एक अच्छी और सकारात्मक छवि लेकर यहां से जाएं।
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