उत्तराखंड- महिला फैक्ट्री कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण Cabinet Decision
देहरादून। उत्तराखंड की महिला कर्मियों के लिए धामी सरकार ने अहम फैसला लिया है रात्रि पाली में कारखानों में काम करने वाली महिला कर्मचारियों के लिए सरकार ने सुरक्षा मजबूत करने का निर्णय लिया है। कैबिनेट बैठक में श्रम विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। नए नियम लागू होने पर महिलाओं को घर से कारखाने में आवागमन आसान हो जाएगा।
कारखाना अधिनियम 1948 में महिला कार्मिकों को जो भी राहतें दी गई थीं, उसमें संशोधन करते हुए राहत और बढ़ाई गई है। अब कारखानों में रात्रि पाली में काम करने वाली महिला कर्मियों को घर लाने-ले जाने वाले वाहनों में पैनिक बटन, जीपीएस डिवाइस, सीसीटीवी लगाना अनिवार्य होगा।
इन वाहनों का संचालन करने वाली ड्राइवर-कंडक्टर का पुलिस से सत्यापन भी अनिवार्य कर दिया गया है। ये भी स्पष्ट किया गया है कि रात्रि पाली में महिलाएं केवल उसी कारखाने में काम कर सकेंगी, जहां कम से कम 20 महिलाकर्मी हों। इससे कम पर रात्रिपाली की अनुमति महिलाकर्मियों के लिए नहीं होगी।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
हमारे व्हाट्सएप समाचार ग्रुप से जुड़ें
फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ को लाइक करें
टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ने के लिए क्लिक करें
हमारे इस नंबर 9927164214 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें


