कुमाऊं में 25 करोड़ की जमीन और वित्तीय धोखाधड़ी का बड़ा खुलासा, चर्चित भूमाफिया ठेकेदार धनंजय गिरी गिरफ्तार
25 करोड़ की कथित धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार भूमिया ठेकेदार धनंजय गिरी।
भोले-भाले लोगों को झांसे में लेकर करोड़ों की ठगी का आरोप, संगठित अपराध के तहत कार्रवाई; अवैध संपत्तियां जब्त करने की तैयारी
हल्द्वानी, 22 मई 2026: कुमाऊं परिक्षेत्र में जमीन और वित्तीय निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले चर्चित भूमाफिया ठेकेदार धनंजय गिरी को एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर भोले-भाले लोगों के साथ संगठित तरीके से करीब 25 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार इस मामले में वर्ष 2018 से अब तक कुल 9 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से 3 मामलों की जांच वर्तमान में गहनता से चल रही है। वहीं, लगभग 15 से 20 अन्य पीड़ितों की शिकायतें भी लगातार पुलिस के संज्ञान में आ रही हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए 4 नवंबर 2025 को अपर पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई थी। हालांकि, पूर्व एसआईटी द्वारा अपेक्षित कार्रवाई न होने पर आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल ने 17 अप्रैल 2026 को उसे भंग कर दिया था।
इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर अजय गणपति के पर्यवेक्षण और एसपी क्राइम जितेंद्र चौधरी की अध्यक्षता में नई एसआईटी का गठन किया गया। नई टीम लगातार कार्रवाई में जुटी हुई थी और इसी क्रम में 21 मई 2026 को मुख्य आरोपी धनंजय गिरी को गिरफ्तार किया गया।
एसआईटी जांच में सामने आया है कि आरोपी एक संगठित सिंडिकेट के रूप में अवैध आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से अपराध को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 111 बीएनएस के तहत संगठित अपराध की कार्रवाई की है।
पुलिस ने बताया कि अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर लिया गया है। इन संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया धारा 107 बीएनएसएस के तहत शुरू कर दी गई है, ताकि भविष्य में पीड़ितों को उनकी क्षति की भरपाई कराई जा सके। साथ ही संपत्तियों के अवैध हस्तांतरण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी नैनीताल को भी पत्राचार किया गया है।
पीड़ितों में बंटेगी जब्त संपत्ति, सिंडिकेट के बाकी सदस्य रडार पर; जल्द हो सकती हैं और बड़ी गिरफ्तारियां
25 करोड़ की जमीन और वित्तीय धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि विधिक रूप से जब्त की गई संपत्तियों को कोर्ट के आदेशानुसार भविष्य में सभी पीड़ितों के बीच आनुपातिक रूप से बांटा जाएगा, ताकि उनके नुकसान की भरपाई हो सके। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार धनंजय गिरी इस पूरे सिंडिकेट का मुख्य मोहरा था, जबकि इसके पीछे कुछ सफेदपोश लोगों और प्रॉपर्टी डीलरों का बड़ा नेटवर्क सक्रिय था। आईजी कुमाऊं के निर्देश और एसएसपी अजय गणपति के नेतृत्व में एसआईटी की टीम अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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