हल्द्वानी: नए शैक्षिक सत्र को लेकर प्रशासन सख्त, प्रवेश प्रक्रिया पारदर्शी रखने के निर्देश
छात्र सुरक्षा, फीस, ड्रेस और स्कूल परिवहन व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने दिए सख्त निर्देश

हल्द्वानी। नए शैक्षिक सत्र के दृष्टिगत जनपद नैनीताल में शैक्षिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी सभागार में जनपद के प्रधानाचार्यों एवं विद्यालय प्रबंधकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी के निर्देशन एवं सिटी मजिस्ट्रेट ए.पी. बाजपेई की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विभिन्न दिशा निर्देश दिए गए।
बैठक में जनपद के समस्त राजकीय माध्यमिक विद्यालयों, राजकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों तथा निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व प्रधानाध्यापकों के साथ विभिन्न शैक्षिक व प्रशासनिक विषयों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया।
सिटी मजिस्ट्रेट ने निर्देश दिए कि विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया सरल, पारदर्शी एवं सुविधाजनक होनी चाहिए, ताकि छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के परिपत्रों के अनुपालन की स्थिति की भी समीक्षा की तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों का सही और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे अधिक से अधिक पात्र छात्र-छात्राएं इसका लाभ प्राप्त कर सकें।
उन्होंने विद्यालयों को प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क से संबंधित निर्धारित मानकों का पालन करने, छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, विद्यालयों की गणवेश व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने तथा सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करने के निर्देश दिए। साथ ही नई शिक्षा नीति के अंतर्गत बैग पॉलिसी का अनुपालन तथा विद्यालयों की वेबसाइटों पर आवश्यक सूचनाओं का प्रकटीकरण भी अनिवार्य करने को कहा।
सिटी मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक वर्ष प्रवेश शुल्क न लिया जाए और विद्यालयों की गणवेश में अनावश्यक व बार-बार परिवर्तन न किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी विद्यालय द्वारा नियमों का उल्लंघन किया गया तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिलाधिकारी द्वारा जारी 3 जनवरी 2026 के आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा।
छात्राओं की सुरक्षा और समस्याओं के समाधान के लिए विद्यालयों में महिला शिकायत पेटिका (ड्रॉप बॉक्स) स्थापित करने के भी निर्देश दिए गए, ताकि छात्राएं बिना झिझक अपनी समस्याएं लिखित रूप में दर्ज करा सकें। इसके साथ ही विद्यालय में एक महिला काउंसलर तैनात करने के निर्देश भी दिए है, ताकि काउंसलर उनसे स्कूल आने जाने से संबंधित सभी गतिविधियों के बारे में पूछ सके।
बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद जायसवाल ने सभी निजी विद्यालयों को निर्देशित किया कि वे स्कूल ड्रेस पर अनावश्यक चिन्ह न लगाएं तथा हर वर्ष ड्रेस परिवर्तन की परंपरा समाप्त करें। उन्होंने फीस एवं बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां विद्यालय के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही प्रत्येक विद्यालय में अनिवार्य रूप से वेबसाइट विकसित करने तथा छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में आर टी ओ अरविंद पाण्डे ने विद्यालय परिवहन से जुड़े सुरक्षा मानकों पर विस्तार से जानकारी देते हुए निर्देश दिए कि स्कूलों में सप्ताह में एक दिन सड़क सुरक्षा से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने निजी स्कूलों द्वारा संचालित मिनी बसों और वैन के लिए ट्रांसपोर्ट मैनेजर नियुक्त करने, वाहनों में जीपीएस सिस्टम, सीसीटीवी कैमरा, आपातकालीन दरवाजा, सैनिटाइजर और अग्निशमन यंत्र की अनिवार्य व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
इसके अतिरिक्त सभी वाहन चालकों का पूरा डाटा फॉर्म भरने तथा स्कूल वाहनों में बच्चों के सुरक्षित चढ़ने-उतरने के लिए सहायक कर्मचारी की तैनाती भी अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया कि नए शैक्षिक सत्र में पारदर्शिता, सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए सभी विद्यालयों को निर्धारित नियमों का पूर्ण रूप से पालन करना होगा
बैठक में उपजिलाधिकारी, हल्द्वानी प्रमोद कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक, पुष्कर लाल टम्टा, बेसिक शिक्षा अधिकारी, तारा सिंह के अन्य अधिकारी तथा कार्मिक उपस्थित थे।
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