उत्तराखंड के स्कूलों में बजेगी ‘वॉटर बेल’, हीटवेव से बचाव के लिए सरकार अलर्ट
समीक्षा बैठक में बड़े फैसले—स्कूल टाइमिंग में बदलाव, अस्पतालों में तैयारी और हर जिले में हीटवेव एक्शन प्लान लागू
देहरादून, 15 अप्रैल 2026। उत्तराखंड में बढ़ती गर्मी और संभावित हीटवेव को देखते हुए सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने ग्रीष्मकालीन तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी विद्यालयों में नियमित अंतराल पर ‘वॉटर बेल’ बजाने के निर्देश दिए हैं, ताकि छात्र-छात्राएं समय-समय पर पानी पी सकें और डिहाइड्रेशन से बचाव हो सके।
बैठक में निर्देश दिए गए कि विद्यालयों के समय में आवश्यकतानुसार बदलाव किया जाए और कक्षाओं में पर्याप्त वेंटिलेशन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही ओआरएस और आवश्यक दवाओं का भंडारण करने तथा विद्यार्थियों को हीटवेव से बचाव की व्यवहारिक जानकारी देने पर जोर दिया गया।
बढ़ते तापमान को देखते हुए जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जिन क्षेत्रों में पानी की किल्लत है, वहां निर्माण कार्यों पर अस्थायी रोक लगाई जाए। बस स्टैंड, स्टेशन और बाजारों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
राज्य से लेकर ग्राम स्तर तक सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक जनपद में हीटवेव एक्शन प्लान तैयार कर संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की जाएगी और वहां विशेष निगरानी रखी जाएगी। साथ ही 24×7 कंट्रोल रूम संचालित कर आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।
पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, पंचायत भवनों और बस स्टैंड पर स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। संभावित जल संकट वाले क्षेत्रों के लिए टैंकर, नलकूप और वैकल्पिक जल आपूर्ति की अग्रिम योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर निर्देश दिए गए हैं कि सभी अस्पतालों में हीटवेव से प्रभावित मरीजों के लिए पर्याप्त बेड, समर्पित वार्ड, ओआरएस, दवाइयां और आइस पैक उपलब्ध रहें। एम्बुलेंस सेवाओं को भी मजबूत रखने और मेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित करने पर जोर दिया गया है।
श्रमिकों और खुले में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्य समय में बदलाव, छायादार विश्राम स्थल, पेयजल और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सार्वजनिक स्थानों पर कूलिंग स्पेस और पानी के प्याऊ स्थापित करने पर भी जोर दिया गया है।
इसके अलावा पार्कों को अधिक समय तक खोलने, गरीब और संवेदनशील वर्गों तक राहत पहुंचाने तथा पशुओं के लिए भी पानी और शेल्टर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
ऊर्जा आपूर्ति को लेकर निर्देश दिए गए हैं कि बढ़ती मांग को देखते हुए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और ट्रांसफार्मर व अन्य उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए, ताकि गर्मी के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए।
बैठक में दिलीप जावलकर, पंकज कुमार पाण्डेय, सुशांत कुमार पटनायक, पराग मधुकर धकाते, सी. रविशंकर, विनोद कुमार सुमन और रणवीर सिंह चौहान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि जनपदों से जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
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