उत्तराखंड: हादसे में उजड़ गया परिवार, दो मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया
बालकनी से संतुलन बिगड़ने से हुए हादसे में उजड़ गया परिवार, दो मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया
नैनीताल। उत्तराखंड के नैनीताल जिले से दिल को झकझोर देने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को गम और सन्नाटे में डुबो दिया है। यहां हल्दूचौड़ के बमेटा बंगर खीमा स्थित हनुमान मंदिर रोड पर बाजार में बने तारा कॉम्प्लेक्स में हुए इस हादसे ने एक खुशहाल परिवार को पलभर में उजाड़ दिया।

फाइल फोटो—-मुन्नी देवी
जानकारी के अनुसार, अल्मोड़ा जनपद के गौना निवासी जीवन कुमार, जो इंडियन ऑयल की गाड़ी में क्लीनर के रूप में कार्यरत हैं, पिछले तीन वर्षों से अपनी पत्नी मुन्नी देवी (30 वर्ष) और दो मासूम बच्चों के साथ तारा कॉम्प्लेक्स की तीसरी मंजिल पर रह रहे थे। परिवार मेहनत-मजदूरी कर एक छोटी सी दुनिया को संभालने की कोशिश कर रहा था।
लेकिन सोमवार की शाम ने इस घर की खुशियों को हमेशा के लिए छीन लिया।
बताया जा रहा है कि उनका छोटा बेटा नीचे सीढ़ियों के पास खेल रहा था। मां मुन्नी देवी तीसरी मंजिल की बालकनी से झुककर अपने बच्चे को आवाज दे रही थीं, तभी एक पल की चूक ने सब कुछ खत्म कर दिया। अचानक संतुलन बिगड़ने से वह सीधे नीचे सड़क पर जा गिरीं।
गिरने की आवाज और दृश्य इतना भयावह था कि मौके पर चीख-पुकार मच गई। लोग दौड़कर पहुंचे, किसी ने संभाला, किसी ने मदद की कोशिश की। व्यापारी नेता भास्कर सुयाल और स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल महिला को तुरंत निजी वाहन से हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जैसे ही यह खबर पति जीवन कुमार तक पहुंची, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। ड्यूटी पर मौजूद यह मेहनतकश पिता जब अस्पताल पहुंचे तो अपनी पत्नी को अंतिम बार देख भी नहीं सके। मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था—जो मां कुछ देर पहले तक उन्हें पुकार रही थी, अब हमेशा के लिए खामोश हो चुकी थी।
पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया और फिर पूरे गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार के लिए शव को पैतृक गांव अल्मोड़ा ले जाया गया। गांव में जैसे ही यह खबर पहुंची, हर आंख नम हो गई और हर दिल टूट गया।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सीओ सिटी अमित कुमार सैनी ने बताया—
“घटना कल देर शाम की है। शव का पोस्टमॉर्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले की बारीकी से जांच की जा रही है।”
यह सिर्फ एक हादसा नहीं था…
यह एक ऐसे परिवार की कहानी है, जहां एक पल की चूक ने दो मासूम बच्चों से उनकी दुनिया छीन ली और एक घर को हमेशा के लिए सन्नाटे में बदल दिया।
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