देहरादून: मुख्यमंत्री धामी ने पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और मत्स्य पालकों से किया संवाद
देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पशुपालकों एवं मत्स्य पालकों से संवाद किया।
मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए रेफ्रिजरेटेड फिशरीज वैन को दिखाई हरी झंडी
देहरादून, 07 मई 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को निरंजनपुर, देहरादून में राज्यभर से आए पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों एवं मत्स्य पालकों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रेफ्रिजरेटेड फिशरीज वैन को भी फ्लैग ऑफ किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था और लाखों परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, राष्ट्रीय पशुधन मिशन, राष्ट्रीय गोकुल मिशन और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाएं संचालित कर रही है।
मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन से बढ़ रहा स्वरोजगार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में “मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन” के तहत पशुधन इकाइयों की स्थापना की जा रही है, जिसमें पात्र लाभार्थियों को 90 प्रतिशत तक ऋण अनुदान दिया जा रहा है। गोट वैली और पोल्ट्री वैली जैसी योजनाओं से भी पशुपालकों को सहायता मिल रही है।
उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में गौ पालन, बकरी पालन और भेड़ पालन के माध्यम से साढ़े 11 हजार से अधिक लोगों को स्वरोजगार मिला है। वहीं मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन के तहत करीब 4 हजार युवाओं और महिलाओं को रोजगार से जोड़ा गया है।
60 विकासखंडों में मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स संचालित
मुख्यमंत्री ने कहा कि पशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए राज्य के 60 विकासखंडों में मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स संचालित की जा रही हैं। साथ ही प्रत्येक जिले में मॉडल पशु चिकित्सालय बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सीमांत क्षेत्रों के पशुपालकों को आईटीबीपी के माध्यम से सीधा बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।
बद्री घी को मिला देश का पहला GI टैग
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को वर्ष 2030 तक खुरपका-मुंहपका रोग मुक्त राज्य बनाने के लिए चुना गया है। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में राज्य के दुग्ध उत्पादन में हर साल लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की पारंपरिक “बद्री गाय” के “बद्री घी” को देश में पहला GI टैग प्राप्त हुआ है, जिससे इसकी गुणवत्ता और पहचान को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है।
ट्राउट फार्मिंग बन रही स्वरोजगार का बड़ा माध्यम
मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्राउट फार्मिंग राज्य में स्वरोजगार का बड़ा माध्यम बनकर उभरी है। इसे बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 170 करोड़ रुपये की ट्राउट प्रोत्साहन योजना शुरू की है। उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में ट्राउट हैचरी स्थापित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार उत्तराखंड को हाई वैल्यू फिश प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। राज्य का मत्स्य क्षेत्र 9 प्रतिशत से अधिक की दर से वृद्धि कर रहा है।
पशुपालकों ने साझा किए अपने अनुभव
कार्यक्रम में हरिद्वार के पशुपालक हरिकिशन लखेड़ा ने बताया कि ब्रीड मल्टीप्लीकेशन फार्म योजना के तहत उन्होंने 50 गायें खरीदीं और अब प्रतिदिन 300 लीटर दूध उत्पादन कर रहे हैं। इससे उन्हें प्रतिमाह लगभग 1.15 लाख रुपये की शुद्ध आय हो रही है।
डोईवाला के अमित सिंह ने बताया कि उन्होंने पशु चारे के लिए एफपीओ की स्थापना की, जिसमें 386 लोग जुड़े हैं और तीन वर्षों में 10 करोड़ रुपये से अधिक का टर्नओवर हासिल हुआ है।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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