Dehradun Crime: भरना देवी मंदिर चोरी का 24 घंटे में खुलासा, दो चोरों समेत कबाड़ी गिरफ्तार
भरना देवी मंदिर से चोरी की गई अष्टधातु की मूर्तियां और अन्य धार्मिक सामग्री पुलिस ने बरामद की।
अष्टधातु की चार मूर्तियां, शिवलिंग, घंटा और अन्य सामान बरामद; नशे की लत पूरी करने के लिए मंदिर में की थी चोरी
देहरादून। राजपुर थाना क्षेत्र के पुरुकुल रोड स्थित माता भरना देवी मंदिर में हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। मंदिर का ताला तोड़कर अष्टधातु की चार मूर्तियों समेत घंटा, दीये, थालियां, तश्तरी, शिवलिंग और नकदी चोरी करने वाले दो आरोपियों को राजपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। चोरी का कुछ सामान खरीदने वाले कबाड़ी को भी पुलिस ने दबोच लिया। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी का सामान बरामद कर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने वारदात से पहले मंदिर की रेकी की थी। इसके बाद मौका देखकर मंदिर का ताला तोड़ा और वहां रखी धार्मिक वस्तुएं व नकदी चोरी कर ली। चोरी के बाद कुछ सामान कबाड़ी को बेच दिया गया था। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते वारदात के अगले ही दिन आरोपियों तक पहुंच बनाई जा सकी।
ताला तोड़कर मंदिर में घुसे थे चोर
मामला 3 सितंबर 2026 का है। भगवंतपुर निवासी पंकज जोशी ने थाना राजपुर में तहरीर देकर बताया कि पुरुकुल रोड स्थित माता भरना देवी मंदिर का ताला तोड़कर अज्ञात चोर अष्टधातु की मूर्तियां, घंटा, दीये, थालियां, शिवलिंग और नकदी चोरी कर ले गए हैं। सूचना मिलते ही राजपुर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
धार्मिक स्थल से चोरी की घटना को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी देहरादून ने पुलिस अधिकारियों को तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी का माल बरामद करने के निर्देश दिए।
सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र से मिली अहम कड़ी
पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया और मंदिर व दुकानों में चोरी की घटनाओं में पूर्व में शामिल रहे संदिग्धों का भौतिक सत्यापन किया गया।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद संभावित स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी जाने लगी।
पुरुकुल रोड पर चेकिंग के दौरान दबोचे गए दो आरोपी
4 सितंबर को राजपुर पुलिस टीम पुरुकुल रोड पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सिद्धार्थ थापा और अंकित भंडारी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, दोनों से पूछताछ और उनके कब्जे से मिले सामान के आधार पर मंदिर चोरी की घटना में उनकी संलिप्तता सामने आई।
आरोपियों के कब्जे से मंदिर से चोरी की गई धार्मिक वस्तुएं और नकदी बरामद हुई। पूछताछ में उन्होंने बताया कि चोरी का कुछ सामान उन्होंने काटबांग्ला क्षेत्र में एक कबाड़ी को बेच दिया था।
चोरी का सामान खरीदने वाला कबाड़ी भी गिरफ्तार
पुलिस ने आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए जंगल मंगल तिराहा, पुरुकुल रोड क्षेत्र में दबिश दी। यहां से पुलिस ने कबाड़ी शत्रुघ्न को भी चोरी के सामान के साथ गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि आरोपी चोरी की वस्तुएं कम कीमत में कबाड़ी को बेचते थे और वह उन्हें आगे अधिक कीमत में बेचने का काम करता था।
नशे की जरूरत पूरी करने के लिए करते थे चोरी
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे नशे के आदी हैं और अपनी नशे की जरूरत पूरी करने के लिए चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ऐसे मंदिरों और दुकानों की रेकी करते थे, जहां सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षाकृत कम हो। मौका मिलने पर ताला तोड़कर सामान चोरी कर लेते और बाद में उसे कबाड़ी को बेच देते थे।
पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास के साथ ही यह भी पता लगाने में जुटी है कि उन्होंने इससे पहले चोरी की कितनी अन्य वारदातों को अंजाम दिया है।
अष्टधातु की चार मूर्तियों समेत यह सामान बरामद
राजपुर पुलिस ने आरोपियों और कबाड़ी के कब्जे से मंदिर से चोरी किया गया सामान बरामद किया है। बरामदगी में—
अष्टधातु की 4 मूर्तियां
1 घंटा
2 दीये
3 थालियां
1 तश्तरी
1 शिवलिंग
₹2,000 नकद
शामिल हैं।
तीनों आरोपियों के नाम
गिरफ्तार आरोपियों में सिद्धार्थ थापा पुत्र कमल थापा, निवासी बापू नगर, जाखन, देहरादून और अंकित भंडारी पुत्र स्वर्गीय भगवान सिंह, निवासी बापू नगर, जाखन, देहरादून शामिल हैं।
चोरी का सामान खरीदने के आरोप में गिरफ्तार शत्रुघ्न पुत्र स्वर्गीय राम प्रकाश, निवासी ग्राम कलसी, थाना सिमली, जनपद दरभंगा (बिहार), हाल निवासी काटबांग्ला, राजपुर, देहरादून को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस टीम
मंदिर चोरी की घटना का त्वरित खुलासा करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक प्रवीण सैनी, कांस्टेबल सत्येंद्र और कांस्टेबल सुरेंद्र शामिल रहे।
राजपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से न केवल चोरी की वारदात का खुलासा हुआ, बल्कि मंदिर से चोरी की गई धार्मिक वस्तुओं की भी बरामदगी कर ली गई। पुलिस अब आरोपियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड और उनसे जुड़ी अन्य चोरी की घटनाओं के संबंध में भी जांच आगे बढ़ा रही है।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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