देहरादून अधिवक्ता हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा: भाई ही निकला कातिल, पुलिस को गुमराह करने के लिए धरने में भी बैठा
पुलिस गिरफ्त में अधिवक्ता हत्याकांड का आरोपी।
पैसों के विवाद में बड़े भाई को मारी गोली, बाहरी हमलावरों की झूठी कहानी गढ़ता रहा; 10 घंटे में पुलिस ने खोला सनसनीखेज राज
देहरादून। पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र के भुड्डी गांव में अधिवक्ता सोहेल हारून की हत्या के मामले में पुलिस ने महज 10 घंटे के भीतर चौंकाने वाला खुलासा करते हुए मृतक के छोटे भाई शाहिद हारून को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या किसी बाहरी हमलावर ने नहीं, बल्कि पारिवारिक विवाद और पैसों के लेनदेन को लेकर स्वयं छोटे भाई ने की थी। आरोपी ने हत्या के बाद पुलिस और परिजनों को गुमराह करने के लिए पूरी साजिश भी रची थी।
पहले हत्या, फिर रची झूठी कहानी
14 जून की देर रात पुलिस को सूचना मिली थी कि भुड्डी गांव में घर में घुसकर अज्ञात बदमाशों ने अधिवक्ता सोहेल हारून को गोली मार दी है। गंभीर रूप से घायल सोहेल को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक सूचना के आधार पर मामला बाहरी हमलावरों द्वारा की गई हत्या का प्रतीत हो रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर कहानी पूरी तरह बदल गई।
जांच में छोटे भाई की भूमिका पर गहराया शक
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। पूछताछ के दौरान मृतक के 21 वर्षीय छोटे भाई शाहिद हारून के बयान बार-बार बदलते रहे। उसके द्वारा दी जा रही जानकारियों में विरोधाभास मिलने पर पुलिस का शक गहराया। इसके बाद पुलिस ने घर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
जांच में सामने आया कि घटना के समय कोई भी बाहरी व्यक्ति घर में प्रवेश नहीं किया था। इतना ही नहीं, घर में लगे सीसीटीवी कैमरे चालू तो थे, लेकिन उनकी रिकॉर्डिंग पहले ही बंद कर दी गई थी।
बाथरूम से बरामद हुई पिस्टल, खुल गया पूरा राज
घर की बारीकी से तलाशी के दौरान पुलिस को बाथरूम में छिपाकर रखी गई .32 बोर की देशी पिस्टल बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने शाहिद को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी टूट गया और उसने अपने बड़े भाई की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।
नशे की लत और पैसों के विवाद बने हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार आरोपी शाहिद नशे का आदी है और अपने खर्चों के लिए अक्सर परिवार से पैसे मांगता था। उसकी गलत आदतों को लेकर बड़ा भाई सोहेल उसे लगातार समझाता और रोकता था। कुछ समय पहले शाहिद ने अपने पिता के बैंक खाते से एटीएम के माध्यम से करीब 10 लाख रुपये निकालकर खर्च कर दिए थे। इस बात को लेकर दोनों भाइयों के बीच गंभीर विवाद हुआ था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि विवाद के दौरान सोहेल ने शाहिद की पिटाई की थी। इसी घटना के बाद आरोपी ने अपने बड़े भाई को रास्ते से हटाने की योजना बना ली थी।
दो दिन पहले बंद कर दी थी सीसीटीवी रिकॉर्डिंग
हत्या की योजना को अंजाम देने के लिए शाहिद ने घटना से दो दिन पहले घर की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग बंद कर दी थी। 14 जून की रात मौका मिलते ही उसने देशी पिस्टल से अपने बड़े भाई को गोली मार दी। गोली लगने से सोहेल गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई।
पुलिस को गुमराह करने के लिए किया ड्रामा
हत्या के बाद आरोपी ने पूरी घटना को बाहरी हमलावरों की करतूत बताने की कोशिश की। उसने परिजनों और परिचितों को बताया कि अज्ञात बदमाश घर में घुसे और उसके भाई को गोली मारकर फरार हो गए।
इतना ही नहीं, पुलिस जांच को भटकाने और खुद को संदेह से दूर रखने के लिए आरोपी ने ग्रामीणों के साथ मिलकर मृतक के शव को देहरादून-पांवटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रखकर प्रदर्शन और जाम लगाने का भी प्रयास किया।
जाम लगाने वालों पर भी कार्रवाई
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि वैज्ञानिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के आधार पर हत्या का खुलासा किया गया। आरोपी शाहिद हारून को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर शव रखकर जाम लगाने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने के मामले में भी संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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