Chamoli: अतिवृष्टि से तमक नाले में आया सैलाब, बैली ब्रिज बहा; नीती घाटी के 12 से अधिक गांवों का संपर्क कटा
अतिवृष्टि के बाद तमक नाले में आए तेज उफान की चपेट में आया बैली ब्रिज, नीती घाटी का संपर्क प्रभावित
BRO कर्मचारी के लापता होने की सूचना, सेना-ITBP की चौकियों तक आवाजाही प्रभावित; SDRF और NDRF की टीमें रेस्क्यू के लिए रवाना
चमोली, 10 अगस्त 2026। भारत-चीन सीमा से सटी चमोली जिले की नीती घाटी में सोमवार को भारी बारिश के बीच तमक नाले ने अचानक रौद्र रूप धारण कर लिया। तेज जलप्रवाह की चपेट में आने से नाले पर बना बैली ब्रिज बह गया, जिसके बाद नीती घाटी के सीमांत गांवों और सुरक्षा चौकियों का सड़क संपर्क बाधित हो गया। घटना के दौरान पुल के समीप काम कर रहे सीमा सड़क संगठन (BRO) के एक कर्मचारी के पानी में बहने के बाद लापता होने की सूचना है। रेस्क्यू एजेंसियों को मौके के लिए रवाना किया गया है।
जानकारी के अनुसार, ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमक नाले में सोमवार शाम अचानक जलस्तर बढ़ गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि देखते ही देखते नाले पर बना बैली ब्रिज इसकी चपेट में आ गया और तेज बहाव के साथ बह गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जलप्रवाह के साथ भारी मलबा भी आया, जिससे आसपास का क्षेत्र प्रभावित हुआ।
एक महीने पहले ही तैयार हुआ था बैली ब्रिज
तमक नाले में पिछले वर्ष भी अतिवृष्टि के दौरान पक्का पुल बह गया था। इसके बाद यहां ह्यूम पाइप डालकर अस्थायी रूप से आवाजाही संचालित की जा रही थी। करीब एक माह पूर्व ही BRO की ओर से यहां नया बैली ब्रिज तैयार किया गया था, लेकिन सोमवार को अचानक आए तेज जलप्रवाह ने इसे भी अपनी चपेट में ले लिया।
बताया गया कि सोमवार सुबह तेज बारिश के बाद तमक नाला उफान पर आया था। जलस्तर कुछ कम होने पर पुल से मलबा और कचरा हटाकर आवाजाही बहाल करने का प्रयास किया जा रहा था। इसी दौरान शाम को नाले में दोबारा अचानक तेज उफान आया और कुछ ही क्षणों में पुल पानी के तेज बहाव में बह गया।
12 से अधिक सीमांत गांवों का संपर्क बाधित
बैली ब्रिज के बहने से जेलम, जुम्मा, मलारी, फरकिया, बाम्पा, गमशाली, नीती, कैलाशपुर, द्रोणागिरी और गरपक समेत नीती घाटी के 12 से अधिक सीमांत गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। क्षेत्र में सेना और ITBP की कई चौकियां भी स्थित हैं, जहां आवाजाही पर भी इसका असर पड़ा है।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने की कार्रवाई की। SDRF और NDRF की टीमें मौके के लिए रवाना की गई हैं। लापता BRO कर्मचारी की तलाश के लिए भी रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।
अलकनंदा का जलस्तर बढ़ा, लोगों से सतर्क रहने की अपील
नीती घाटी में भारी बारिश के बाद अलकनंदा नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन की ओर से नदी किनारे रहने वाले लोगों को लाउडस्पीकर के माध्यम से सतर्क किया जा रहा है और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से मौसम सामान्य होने और मार्ग की स्थिति स्पष्ट होने तक नीती घाटी की ओर आवाजाही से बचने की अपील की है। लोगों से जोखिम लेकर यात्रा नहीं करने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के बाद ही आगे बढ़ने को कहा गया है।
अचानक विकराल हो जाता है तमक नाला
उच्च हिमालयी क्षेत्र से आने वाला तमक नाला सामान्य परिस्थितियों में शांत रहता है, लेकिन ऊपरी क्षेत्रों में भारी बारिश या अतिवृष्टि होने पर इसका जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ जाता है। पिछले वर्ष भी इसी नाले में पक्का पुल बह गया था। इस बार बैली ब्रिज के बहने से एक बार फिर सीमांत क्षेत्र में संपर्क व्यवस्था को बड़ा झटका लगा है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लापता BRO कर्मचारी की तलाश, प्रभावित क्षेत्र में राहत-बचाव व्यवस्था और सीमांत गांवों तक आवश्यक संपर्क बहाल करना है।
मुख्यमंत्री धामी ने लिया तत्काल संज्ञान, राहत-बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता
चमोली। ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमक नाले में अत्यधिक जलप्रवाह के कारण बेली ब्रिज बहने की घटना का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से घटना की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने निचले क्षेत्रों में आवश्यक एहतियाती कदम उठाने, संवेदनशील इलाकों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और स्थिति सामान्य होने तक प्रभावित मार्ग पर आवाजाही प्रतिबंधित रखने को कहा। उन्होंने आसपास के गांवों में राशन, खाद्य सामग्री, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित न होने देने के लिए विशेष व्यवस्था करने तथा जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों से आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने नदी-नालों एवं तेज जलप्रवाह वाले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रखने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश भी दिए। साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों में किसी तरह की कमी न रहने तथा सभी संबंधित एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने को कहा।
SEOC से 24×7 निगरानी, SDRF-NDRF टीमें रवाना
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) से चमोली समेत प्रदेश के सभी संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर 24×7 निगरानी रखी जा रही है। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों से लगातार समन्वय किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 123 बीआरटीएफ, सुराईथोटा द्वारा निर्मित बेली ब्रिज अत्यधिक जलप्रवाह के कारण पूरी तरह बह गया। प्राप्त सूचना के अनुसार तेज बहाव की चपेट में आने से एक व्यक्ति और एक कैंपर वाहन के बहने की सूचना है। सूचना मिलते ही SDRF और NDRF की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें भी राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।
सुरक्षा के दृष्टिगत ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर मलारी की ओर वाहनों का आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने तथा मार्ग की स्थिति सामान्य होने तक इस मार्ग पर यात्रा न करने की अपील की है।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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