Uttarakhand Weather: इस सप्ताह फिर बरसेगा मानसून, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, यात्रा से पहले पढ़ें पूरा पूर्वानुमान
13 से 19 जुलाई के बीच उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट।
IMD के साप्ताहिक पूर्वानुमान में कई जिलों के लिए येलो अलर्ट, सप्ताह के मध्य में मानसून होगा सबसे ज्यादा सक्रिय; यात्रियों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह।
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून का असर फिलहाल कुछ धीमा जरूर पड़ा है, लेकिन इसकी सक्रियता पूरी तरह बनी हुई है। पर्वतीय क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है, जबकि मैदानी इलाकों में धूप-छांव के बीच उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। इस बीच मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने रविवार (13 जुलाई) सुबह 9:30 बजे जारी अपने साप्ताहिक पूर्वानुमान में बताया है कि 13 से 19 जुलाई तक प्रदेश के पर्वतीय जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। वहीं, मैदानी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ उमस और गर्मी का असर भी बना रह सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार सप्ताह के मध्य में मानसून एक बार फिर सक्रिय होगा, जिससे प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। विशेष रूप से 16 और 17 जुलाई को कई जिलों में भारी बारिश के आसार हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
13 जुलाई: पांच पर्वतीय जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 13 जुलाई को उत्तराखंड के पर्वतीय जनपदों में गर्जन, आकाशीय बिजली और तेज बारिश की संभावना है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। विशेष रूप से देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। इन क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक जलभराव जैसी स्थितियां बनने की आशंका को देखते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
14 जुलाई: पहाड़ों में फिर भारी बारिश के संकेत
14 जुलाई को भी पर्वतीय जिलों में मौसम का मिजाज खराब बना रहेगा। गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तेज से अति तीव्र बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इस दिन भी येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
15 जुलाई: पहाड़ों के साथ मैदानों में भी बदलेगा मौसम
15 जुलाई को चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा प्रदेश के अधिकांश पर्वतीय क्षेत्रों में गर्जन, आकाशीय बिजली और तेज बारिश के दौर जारी रह सकते हैं। वहीं मैदानी जिलों, विशेषकर ऊधम सिंह नगर में भी आकाशीय बिजली चमकने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इससे तापमान में कुछ गिरावट आने और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
16 जुलाई: अधिकांश जिलों में बिगड़ेगा मौसम, भारी बारिश के आसार
16 जुलाई को मानसून पूरे प्रदेश में अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश, गर्जन और आकाशीय बिजली की संभावना बनी रहेगी। वहीं हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इस दिन भी येलो अलर्ट जारी किया गया है।
17 जुलाई: तेज बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट
17 जुलाई को पर्वतीय जिलों में गर्जन, आकाशीय बिजली और तेज बारिश की संभावना बनी रहेगी। वहीं हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने लोगों से खुले स्थानों पर जाने से बचने और सतर्क रहने की अपील की है।
18 और 19 जुलाई: बारिश जारी रहेगी, मैदानों में बिजली का येलो अलर्ट
18 और 19 जुलाई को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गर्जन के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। पर्वतीय जिलों में झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा, जबकि मैदानी क्षेत्रों में बिजली चमकने की संभावना है। कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश लोगों को गर्मी से राहत दिला सकती है।
बारिश से प्रदेश में 100 सड़कें बंद, कई जिलों में मलबा और भूस्खलन
लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश में जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की ताजा रिपोर्ट के अनुसार बारिश के बाद मलबा और पत्थर गिरने से प्रदेशभर में 100 सड़कें बंद हैं, जिनमें अधिकांश ग्रामीण संपर्क मार्ग शामिल हैं।
देहरादून जिले में 10 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। इसके अलावा अल्मोड़ा में 5, रुद्रप्रयाग में 4, चमोली में 12 और पिथौरागढ़ में 14 सड़कें बंद हैं। नैनीताल जिले में हल्द्वानी-भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग रामगढ़ पुल के पास सड़क धंसने के कारण भारी वाहनों की आवाजाही प्रभावित है। जिले की दो ग्रामीण सड़कें भी बंद हैं।
उत्तरकाशी में ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्यानाचट्टी के पास मलबा आने से बाधित है। जिले के 10 ग्रामीण मार्ग भी बंद पड़े हैं। वहीं टिहरी जिले में 9 ग्रामीण सड़कों पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ है। संबंधित विभागों द्वारा सभी बंद मार्गों को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
प्रदेश के प्रमुख शहरों का तापमान
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार रविवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 24.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पंतनगर प्रदेश का सबसे गर्म प्रमुख शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहा। मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि नई टिहरी में अधिकतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 16.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। तापमान के इन आंकड़ों से साफ है कि मैदानी इलाकों में उमस और गर्मी का असर बना हुआ है, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और सुहावना बना हुआ है।
लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों से मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है। भारी बारिश की चेतावनी वाले जिलों में नदी-नालों के किनारे जाने से बचें, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें तथा आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना ही सुरक्षित रहेगा।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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