Uttarakhand Weather Update: अगले 48 घंटे सतर्क रहें, कई जिलों में बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं का येलो अलर्ट
उत्तराखंड के कई जिलों में अगले 48 घंटे बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं का येलो अलर्ट।
22-23 जून को पर्वतीय और कुछ मैदानी इलाकों में मौसम रहेगा सक्रिय, 50 किमी प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं
देहरादून, 21 जून 2026। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के कई पर्वतीय और मैदानी जिलों में बारिश, आकाशीय बिजली चमकने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार 22 और 23 जून को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, देहरादून, टिहरी, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों में गर्जन के साथ बारिश, आकाशीय बिजली चमकने और झौंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं 21 जून को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में मौसम को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है। देहरादून, टिहरी और नैनीताल जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। दूसरी ओर ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार में फिलहाल मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है।
27 जून तक पहाड़ों में जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पर्वतीय जिलों में बारिश की गतिविधियां 27 जून तक जारी रह सकती हैं। हालांकि हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जैसे मैदानी जनपदों में इस दौरान मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि जून के अंतिम सप्ताह में मैदानी इलाकों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण मैदानी क्षेत्रों में अपेक्षित बारिश नहीं हो सकी है। सामान्य से कम वर्षा का असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब तीन डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया जा रहा है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
मानसून की रफ्तार पकड़ने के संकेत
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 23 जून के आसपास महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं। यदि मौसमीय परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो मानसून उत्तर और मध्य भारत की ओर तेजी से आगे बढ़ेगा।
मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून 25 से 30 जून के बीच दिल्ली-एनसीआर तक पहुंच सकता है। इससे उत्तर भारत के कई राज्यों में भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में मानसून सक्रिय
फिलहाल मानसून की सक्रियता पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बनी हुई है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि कई क्षेत्रों में यह सिलसिला पूरे सप्ताह जारी रह सकता है। इसके अलावा असम, मेघालय, ओडिशा, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
IMD के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के विभिन्न क्षेत्रों में भारी वर्षा दर्ज की गई है। विभाग का कहना है कि दक्षिण महाराष्ट्र में 8 जून से रुका मानसून अब दोबारा सक्रिय होकर उत्तर और पूर्व दिशा की ओर बढ़ने लगा है।
गौरतलब है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 4 जून को केरल में प्रवेश किया था और अब धीरे-धीरे देश के मध्य एवं उत्तरी हिस्सों की ओर विस्तार कर रहा है।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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