Uttarakhand Weather: आज 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, गर्जन और आकाशीय बिजली की चेतावनी; सतर्क रहें
उत्तराखंड में भारी बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट।
नैनीताल समेत कई पर्वतीय जिलों में तेज बारिश के आसार, भूस्खलन और उफनते नदी-नालों को देखते हुए मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी
देहरादून, 03 जुलाई 2026: उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है। लगातार हो रही वर्षा का असर अब जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है। खासकर पर्वतीय जिलों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन, सड़कें बंद होने और नदी-नालों के उफान जैसी स्थिति बन गई है। मौसम विभाग ने शुक्रवार, 3 जुलाई के लिए राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज बारिश के दौर को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश में फिलहाल 5 जुलाई तक मानसून का प्रभाव तेज बना रहने की संभावना है।
सात जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने नैनीताल और बागेश्वर जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं देहरादून, पौड़ी, चमोली, टिहरी, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इसके अलावा हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर सहित राज्य के अधिकांश जिलों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तेज बारिश के दौर की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि सक्रिय मानसून के कारण प्रदेश के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को उमस से राहत मिलेगी।
अगले तीन घंटे के लिए विशेष चेतावनी
मौसम विभाग ने शुक्रवार सुबह 5:45 बजे से 8:45 बजे तक के लिए विशेष येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, ऊधम सिंह नगर और उत्तरकाशी के कुछ क्षेत्रों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तेज बारिश के दौर की संभावना है। केदारनाथ, बद्रीनाथ, जोशीमठ, गोविंदघाट, मुनस्यारी, कपकोट, लोहाघाट, कौसानी, डीडीहाट, गंगोत्री, लैंसडाउन, कर्णप्रयाग, चौखुटिया, मुक्तेश्वर और रानीखेत सहित आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम अचानक बिगड़ सकता है।
बदरीनाथ हाईवे पर मलबा, हजारों यात्री प्रभावित
पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश का असर चारधाम यात्रा मार्गों पर भी देखने को मिल रहा है। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर मलबा आने से यातायात लंबे समय तक बाधित रहा। सिरोबगड़ क्षेत्र में करीब छह घंटे तक मार्ग बंद रहने के कारण लगभग 10 हजार से अधिक यात्री अलग-अलग स्थानों पर फंस गए। बाद में प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने मलबा हटाकर मार्ग को आंशिक रूप से सुचारु कराया।
गंगोत्री हाईवे का हिस्सा धंसा
उत्तरकाशी जिले के रतूड़ी सेरा क्षेत्र में गंगोत्री हाईवे का करीब 15 मीटर हिस्सा धंस गया है, जिससे यातायात प्रभावित हो गया है। वहीं हर्षिल में भागीरथी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने एहतियातन जीएमवीएन के गेस्ट हाउस, स्थानीय कोतवाली और एक होटल को खाली करा दिया है। लगातार बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा स्थगित
भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा को फिलहाल स्थगित कर दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अगले आदेश तक इनर लाइन परमिट जारी नहीं किए जाएंगे। यात्रियों से मौसम सामान्य होने तक यात्रा स्थगित रखने की अपील की गई है।
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर भी असर
पहली ही तेज बारिश में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के दो स्थानों पर गहरे गड्ढे बनने की जानकारी सामने आई है। इन गड्ढों के कारण चार वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। सड़क की स्थिति से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहे हैं।
देहरादून में तापमान में गिरावट
लगातार बारिश के कारण राजधानी देहरादून के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिनभर आंशिक से सामान्य बादल छाए रहेंगे तथा एक से दो दौर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है।
प्रशासन ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और संबंधित एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें, अनावश्यक रूप से नदी-नालों के किनारे न जाएं, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें और पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा पर निकलने से पहले मार्ग और मौसम की ताजा जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश में अगले दो दिनों तक मानसून का प्रभाव बना रहेगा। ऐसे में भारी बारिश, भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी घटनाओं की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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