Uttarakhand: तीलू रौतेली और आंगनबाड़ी पुरस्कार से मातृशक्ति सम्मानित, सीएम धामी ने बढ़ाई सम्मान राशि
तीलू रौतेली एवं आंगनबाड़ी पुरस्कार समारोह में मातृशक्ति को सम्मानित करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
13 महिलाओं और 35 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मिला सम्मान, तीलू रौतेली पुरस्कार की राशि 75 हजार और आंगनबाड़ी पुरस्कार की 61 हजार रुपये हुई
देहरादून, 8 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित तीलू रौतेली एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार समारोह में प्रदेश की मातृशक्ति को सम्मानित किया। विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 13 महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार और 35 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने सभी पुरस्कार प्राप्त करने वाली महिलाओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि तीलू रौतेली जयंती उत्तराखंड के इतिहास और नारी शक्ति के स्वाभिमान के लिए गौरवशाली अवसर है। वीरांगना तीलू रौतेली अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और नारी शक्ति की अमर प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड वीरों के साथ-साथ वीरांगनाओं की भूमि भी रहा है और जब भी वीरांगनाओं के साहस एवं पराक्रम की चर्चा होगी, तीलू रौतेली का नाम गर्व और सम्मान के साथ लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीलू रौतेली का जीवन स्वाभिमान, साहस और नारी शक्ति का प्रेरणादायी प्रतीक है। उत्तराखंड की बेटियों ने अपनी प्रतिभा, साहस और सामर्थ्य से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। समारोह में सम्मानित महिलाएं भी प्रदेश की अन्य मातृशक्ति और बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
महिलाओं के सम्मान और सशक्तीकरण पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। संसद एवं विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और लखपति दीदी जैसी पहल महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड सरकार भी मातृशक्ति के सशक्तीकरण के लिए लगातार काम कर रही है। राज्य में महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जिसने समान नागरिक संहिता लागू की है।
महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना, उद्यमिता विकास कार्यक्रम और महिला स्वयं सहायता समूहों को ब्याज मुक्त ऋण जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
तीलू रौतेली पुरस्कार की राशि अब 75 हजार
मुख्यमंत्री धामी ने तीलू रौतेली पुरस्कार की सम्मान राशि में बढ़ोतरी की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में तीलू रौतेली पुरस्कार की राशि 31 हजार रुपये से बढ़ाकर 51 हजार रुपये की गई थी। अब इसे बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया जाएगा।
इसी तरह आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार की सम्मान राशि 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 61 हजार रुपये करने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरस्कार राशि में यह वृद्धि प्रदेश की मातृशक्ति के सेवा, समर्पण और योगदान के प्रति सरकार के सम्मान का प्रतीक है।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका अहम
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों के प्रारंभिक विकास, पोषण, स्वास्थ्य और संस्कारों में आंगनबाड़ी केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में भी वृद्धि की गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 7,500 रुपये से बढ़ाकर 9,300 रुपये, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का 4,500 रुपये से बढ़ाकर 6,250 रुपये और सहायिकाओं का मानदेय 3,550 रुपये से बढ़ाकर 5,250 रुपये किया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर के पद पर पदोन्नति का प्रावधान भी किया गया है।
बेटियों के जन्म से स्वरोजगार तक सरकार साथ
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा, पोषण, सुरक्षा और स्वरोजगार तक हर स्तर पर उनके साथ खड़ी है। मातृशक्ति को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जब उत्तराखंड की बहनें और बेटियां सशक्त होंगी, तभी प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को पूरा किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तीकरण के लिए सरकार आगे भी लगातार काम करती रहेगी। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाली सभी महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
समारोह में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास चन्द्रेश कुमार, निदेशक बंशीलाल राणा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित महिलाएं
अल्मोड़ा की पुष्पा फर्त्याल, बागेश्वर की दया दानू, चमोली की नंदा सती, चंपावत की रितीका बगौली, देहरादून की नीतू रानी, हरिद्वार की वैशाली शर्मा, नैनीताल की लतिका, पौड़ी गढ़वाल की प्रियंका पंत थपलियाल, पिथौरागढ़ की कलावती देवी व निशा पुनेठा, रुद्रप्रयाग की दुर्गा देवी, टिहरी गढ़वाल की सरिता कोठियाल, उधम सिंह नगर की पुष्पा देवी व उत्तरकाशी की स्वतंत्री बधानी को तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इन्हें मिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार
अल्मोड़ा की सुनीता टम्टा, हेमा मेर, बबीता अधिकारी, सीमा देवी, बागेश्वर की आनंदी देवी, चमोली की शकुंतला बिष्ट, गीता चंद्रा, रत्ना बिष्ट, चंपावत की तुलसी देवी, देहरादून की रश्मि पंत, पूनम शाही, लक्ष्मी पंत, हरिद्वार की अनिता बर्मन, स्नेहलता, उमा रानी, फरहाना परवीन, नैनीताल की लीला, हंसा देवी, निर्मला टम्टा, पौड़ी गढ़वाल की संगीता देवी, माधुरी देवी, दर्शनी देवी, रेनू देवी, तुलसी, पिथौरागढ़ से सुनीता बेसड़ा, गंगा कार्की, रुद्रप्रयाग से सरस्वती देवी, टिहरी से सुषमा देवी, रोशनी देवी, पूनम देवी, उधमसिंह नगर से गुरप्रीत कौर, राधा बिष्ट, शकुंतला पाल, उत्तरकाशी से रेखा, रेखा जोशी को राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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