Udham Singh Nagar Crime: हाईवे पर लिफ्ट मांगना पड़ा भारी, दुष्कर्म के विरोध पर युवती की हत्या; दो आरोपी गिरफ्तार
कांति झा हत्याकांड का खुलासा करते एसएसपी अजय गणपति, पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
200 से 250 CCTV कैमरों की फुटेज, CDR और तकनीकी साक्ष्यों से पुलिस पहुंची आरोपियों तक; डंपर चालक समेत दो गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल हुक और मृतका का बैग बरामद
उधम सिंह नगर। काशीपुर के धनौरी इलाके में 20 अगस्त की सुबह सड़क किनारे मिले 18 वर्षीय छात्रा कांति झा के शव के मामले में पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर का खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार युवती ने रास्ते में एक डंपर से लिफ्ट मांगी थी। डंपर चालक और उसके साथी ने उसे वाहन में बैठा लिया। आरोप है कि सुनसान स्थान पर चालक ने युवती के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। विरोध करने और पुलिस में शिकायत करने की बात कहने पर आरोपी ने डंपर में रखे लोहे के हुक से उसके सिर पर कई वार कर दिए। गंभीर चोटों के चलते युवती की मौत हो गई। इसके बाद दोनों आरोपी शव को सड़क किनारे फेंककर मौके से फरार हो गए।
मामले का खुलासा सोमवार को पुलिस कार्यालय में एसएसपी अजय गणपति ने किया। पुलिस ने इस मामले में थाना आईटीआई क्षेत्र निवासी राजू (39) और धनौरी पट्टी लक्ष्मीपुर, कोतवाली काशीपुर निवासी सुमित (19) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल डंपर को कब्जे में लेने के साथ ही उसकी निशानदेही पर लोहे का हुक, मृतका का बैग और घटना के समय आरोपियों द्वारा पहने गए कपड़े बरामद किए हैं।
सड़क किनारे मिला था युवती का शव
20 अगस्त की सुबह धनौरी-रामनगर रोड पर ग्राम धनौरी के पास सड़क किनारे एक युवती का शव पड़ा मिलने से सनसनी फैल गई थी। मृतका की पहचान विशालनगर कॉलोनी निवासी कांति झा के रूप में हुई थी। उसके सिर पर गहरे चोट के निशान मिले थे, जिससे प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका जताई गई। प्रतापपुर चौकी प्रभारी कौशल भाकुनी की तहरीर पर कोतवाली में हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
शुरुआती जांच में मृतका की मां की ओर से एक युवक का नाम सामने आने पर पुलिस ने प्रेम-प्रसंग से जुड़े एंगल पर भी जांच की, लेकिन जैसे-जैसे तफ्तीश आगे बढ़ी, मामले की दिशा बदलती चली गई।
250 तक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली
ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाना पुलिस के लिए चुनौती था। पुलिस टीम ने मृतका के घर से घटनास्थल तक आने-जाने वाले संभावित रास्तों पर लगे करीब 200 से 250 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में संदिग्ध गतिविधियां सामने आने के बाद पुलिस की नजर एक डंपर पर गई।
इसके बाद मृतका और संदिग्ध व्यक्तियों के मोबाइल नंबरों की CDR, लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। CCTV फुटेज और तकनीकी जांच के बीच कड़ियां जुड़ती गईं और पुलिस की जांच डंपर चालक राजू तक पहुंची।
चैती मैदान के पास मांगी थी लिफ्ट
पुलिस पूछताछ के मुताबिक राजू अपने साथी सुमित के साथ खनिज सामग्री लेने क्रशर की ओर जा रहा था। इसी दौरान चैती मैदान के पास कांति झा ने डंपर को रुकवाकर लिफ्ट मांगी। दोनों ने युवती को डंपर में बैठा लिया।
पुलिस के अनुसार कुछ दूरी आगे जाने के बाद राजू ने सुमित को डंपर चलाने के लिए कहा और खुद युवती के पास बैठ गया। इसके बाद सुनसान स्थान पर उसने युवती के साथ कथित रूप से जबरदस्ती करने का प्रयास किया।
विरोध किया तो सिर पर किए कई वार
पुलिस के अनुसार युवती ने इसका विरोध किया और आरोपी को पुलिस में शिकायत करने की बात कही। इसी दौरान दोनों के बीच झड़प हुई। पुलिस का कहना है कि युवती ने कथित तौर पर राजू को दांत भी काट लिया। इसके बाद गुस्से में राजू ने डंपर में रखे लोहे के हुक से उसके सिर पर कई वार कर दिए।
सिर में गंभीर चोट लगने से युवती की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने शव को सड़क किनारे फेंक दिया और डंपर लेकर क्रशर की ओर निकल गए।
पुलिस को गुमराह करने के लिए मोबाइल सड़क पर रखा
जांच में पुलिस के सामने एक और महत्वपूर्ण तथ्य आया। पुलिस के अनुसार घटना के दौरान मृतका का मोबाइल डंपर में ही छूट गया था। आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से मोबाइल को सड़क पर रख दिया। उन्हें उम्मीद थी कि मोबाइल के आधार पर जांच किसी दूसरे दिशा में चली जाएगी।
हालांकि CCTV फुटेज, मोबाइल CDR, लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण ने आरोपियों की कहानी की कड़ियां जोड़ दीं। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उनकी कथित संलिप्तता सामने आई।
डंपर से मिले अहम सबूत
23 अगस्त को पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर डंपर को कब्जे में लिया। आरोपियों की निशानदेही पर डंपर से वारदात में इस्तेमाल किया गया लोहे का हुक और मृतका का बैग बरामद किया गया। बैग से मृतका का आधार कार्ड, बैंक पासबुक और आयुष्मान कार्ड मिले। इसके अलावा पुलिस ने घटना के समय आरोपियों द्वारा पहने गए कपड़े भी बरामद किए हैं।
पुलिस बरामद साक्ष्यों को मामले की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी मान रही है और सभी साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से जांच में शामिल किया जा रहा है।
कोर्ट में पेशी, न्यायिक अभिरक्षा में भेजे गए
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले में उपलब्ध सभी साक्ष्यों को एकत्र कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि पुलिस ने इस मामले को चुनौती के रूप में लिया और CCTV फुटेज के साथ तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई। उन्होंने कहा कि अपराधी कितना भी शातिर क्झ्यों न हो, पुलिस की पैनी नजर और कानून की पकड़ से बच नहीं सकता।
एसएसपी अजय गणपति ने कहा, “अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, पुलिस की पैनी नजर से बच नहीं सकता।”

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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