देहरादून: उत्तराखंड में मौसम का यू-टर्न, कई जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात की चेतावनी
गर्जन-आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी
देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। पहाड़ से लेकर मैदान तक आसमान में काले बादल छाए हुए हैं और कई स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी भी शुरू हो गई है। भारत मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार (30 मार्च) रात 9 बजे राज्य के लिए तात्कालिक (Nowcast) मौसम पूर्वानुमान जारी करते हुए अगले कुछ घंटों को संवेदनशील बताया है। इस दौरान कई जिलों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना के साथ येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है।
31 मार्च को 5 जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मंगलवार 31 मार्च को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। इसे देखते हुए इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और ओलावृष्टि के आसार
पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश के 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हो सकती है। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर, अधिकारियों को निर्देश जारी
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने संभावित खतरे को देखते हुए संबंधित जिलों के अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने मुख्यालय पर मौजूद रहने और मोबाइल फोन चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। आपात स्थिति में सूचनाओं के तत्काल आदान-प्रदान पर भी जोर दिया गया है।
यात्रियों और आमजन के लिए सावधानी जरूरी
प्रशासन ने आम जनता और यात्रियों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। बर्फबारी वाले क्षेत्रों में अत्यधिक जरूरत होने पर ही आवाजाही करें और हिमस्खलन संभावित स्थानों से दूर रहें। मार्ग बाधित होने की स्थिति में पुलिस द्वारा यातायात नियंत्रित किया जाएगा और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका जाएगा।
राहत-बचाव दल और आवश्यक सेवाएं सतर्क
एसडीआरएफ, अग्निशमन विभाग और पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा गया है। साथ ही सीमा सड़क संगठन और लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि भूस्खलन या बर्फबारी से बाधित मार्गों को तुरंत सुचारू कराया जाए। विद्युत और पेयजल जैसी आवश्यक सेवाओं को भी किसी भी बाधा की स्थिति में तुरंत बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
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