#SolidWasteManagement

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 15 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें नेस्ले इंडिया द्वारा सीएसआर के तहत उपलब्ध कराए गए सात इलेक्ट्रिक कचरा कलेक्शन वाहन शामिल हैं। ऊधम सिंह नगर की 373 ग्राम पंचायतों में 71 क्लस्टरों के माध्यम से अपशिष्ट प्रबंधन की कार्ययोजना तैयार की गई है। जनपद में अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कुल 231 वाहनों का बेड़ा तैयार किया गया है।... Read More
उत्तराखंड में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी जनपदों में डिस्ट्रिक्ट स्पेशल सेल गठित किए गए हैं। राज्य में चार श्रेणियों—गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल वाला कचरा—का पृथक्करण किया जाएगा। लीगेसी वेस्ट के निस्तारण का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक रखा गया है। वर्तमान में प्रतिदिन करीब 1,930 मीट्रिक टन ठोस कचरा उत्पन्न हो रहा है, जिसमें से लगभग 1,800 मीट्रिक टन का प्रसंस्करण किया जा रहा है। कचरा संग्रहण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 657 नए वाहन खरीदे जा रहे हैं, जिनमें करीब 480 ई-वाहन शामिल हैं।... Read More
ठोस अपशिष्ट के अनियंत्रित निस्तारण से नदियों और पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ता है। इसी को देखते हुए देहरादून प्रशासन ने कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था की निगरानी और जवाबदेही मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। नदी में कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ एफआईआर, अनधिकृत डंपिंग साइटों पर कार्रवाई, बल्क वेस्ट जनरेटर की पहचान और कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया है।... Read More