नहाती महिला पर्यटक का वीडियो बनाना पड़ा भारी, नैनीताल में होटल कर्मचारी को एक साल की सजा
नैनीताल में महिला पर्यटक का वीडियो बनाने के मामले में दोषी होटल कर्मचारी को अदालत ने सुनाई सजा।
अदालत ने महिला की शिकायत, सीसीटीवी फुटेज और नौ गवाहों के आधार पर होटल कर्मचारी को दोषी ठहराते हुए सुनाई सजा
नैनीताल, 18 मई 2026: नैनीताल में महिला पर्यटक का बाथरूम में नहाते हुए वीडियो बनाने के मामले में अदालत ने होटल कर्मचारी को दोषी करार देते हुए एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि रंजन की अदालत ने दोषी पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना जमा न करने की स्थिति में उसे दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत के इस फैसले को महिलाओं की निजता और सुरक्षा से जुड़े मामलों में अहम माना जा रहा है।
सहायक अभियोजन अधिकारी शिवांजना शर्मा ने बताया कि यह मामला अगस्त 2022 का है। महिला पर्यटक अपने पति के साथ नैनीताल घूमने आई थी और 13 से 15 अगस्त तक के लिए मल्लीताल स्थित होटल अरोमा में कमरा नंबर 310 बुक कराया था। 15 अगस्त की सुबह महिला बाथरूम में नहाने के बाद कपड़े बदल रही थी, तभी उसकी नजर बाथरूम की खिड़की की ओर गई। महिला ने देखा कि कोई व्यक्ति मोबाइल फोन से उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहा है। यह देखकर वह घबरा गई और तुरंत शोर मचाकर अपने पति को बुलाया।
घटना की जानकारी मिलते ही महिला और उसके पति ने होटल प्रबंधन से शिकायत की। बाद में पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद मल्लीताल पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने होटल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनमें होटल कर्मचारी राहुल कुमार संदिग्ध गतिविधियों में दिखाई दिया। फुटेज में वह सुबह करीब 9:10 बजे स्टाफ गैलरी से बाथरूम की ओर जाता और कुछ मिनट बाद तेजी से लौटता नजर आया।
पुलिस पूछताछ के दौरान शुरुआत में आरोपी के मोबाइल फोन में कोई वीडियो नहीं मिला, लेकिन बाद में अलग से पूछताछ करने पर उसने महिला का वीडियो बनाने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने आरोपी राहुल कुमार निवासी ग्राम रतखान, थाना लमगड़ा, जिला अल्मोड़ा के खिलाफ आईपीसी की धारा 354-ग के तहत मुकदमा दर्ज किया।
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने महिला पर्यटक, उसके पति, विवेचक उपनिरीक्षक पूजा मेहरा समेत कुल नौ गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
यह फैसला पर्यटन स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा और निजता के मुद्दे पर एक सख्त संदेश माना जा रहा है।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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