नैनीताल डीएम की बड़ी कार्रवाई: 9 आरोपी जिला बदर, अपराधियों में हड़कंप
जिला प्रशासन ने आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त 9 आरोपी, जो जिले में रहते थे, 6 माह के लिए बाहर किया; 5 को राहत भी दी
नैनीताल, 28 मार्च 2026: जनपद में कानून-व्यवस्था को सख्त बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने एक अहम कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के तहत बड़ी कार्रवाई की है।
जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल, ललित मोहन रयाल ने आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए गए 9 आरोपियों को “गुंडा” घोषित करते हुए 6 माह के लिए जनपद की सीमा से बाहर (जिला बदर) करने का आदेश जारी किया है।
जिन पर हुई कार्रवाई
प्रशासनिक आदेश के अनुसार, जिन आरोपियों को जिला बदर किया गया है, उनमें प्रमुख हैं:
राहुल पुत्र रमेश (बंबाघेर, थाना रामनगर) – जुआ अधिनियम के 7 व गैंगस्टर एक्ट का 1 मुकदमा
संजय आर्य पुत्र रमेश चंद्र (बागजाला, थाना काठगोदाम) – आबकारी, एनडीपीएस व आईपीसी के 13 मुकदमे
अनुज राज सिंह पुत्र रमेश सिंह (चोरपानी, थाना रामनगर) – आईपीसी के 4 व शस्त्र अधिनियम का 1 मुकदमा
शाहिद पुत्र मोहम्मद रफी (खताड़ी, रामनगर) – आईपीसी के 4 मुकदमे
कौशल चिलवाल पुत्र राजेंद्र चिलवाल (इंदिरा कॉलोनी, रामनगर) – आईपीसी के 5 मुकदमे
सलमान पुत्र रईस अहमद (थाना बनभूलपुरा) – आर्म्स एक्ट, आईपीसी व एनडीपीएस के विभिन्न मुकदमे
मोहसिन पुत्र नासिर (पप्पू का बगीचा, बनभूलपुरा) – एनडीपीएस के कई मुकदमे
शादाब पुत्र सज्जाद (थाना बनभूलपुरा) – आर्म्स एक्ट व आईपीसी के 7 मुकदमे
प्रदीप सागर अमन पुत्र पूरनचंद सागर (लामाचौड़, थाना मुखानी) – एनडीपीएस, आबकारी व आईपीसी के 9 मुकदमे
प्रशासन के अनुसार, इन सभी व्यक्तियों का आपराधिक इतिहास गंभीर है और इनके कृत्यों ने क्षेत्र में भय एवं असुरक्षा का माहौल पैदा किया था। इसी आधार पर इन्हें 6 महीने के लिए जनपद नैनीताल की सीमाओं से बाहर रहने का आदेश दिया गया है।
5 आरोपियों को मिली राहत
जांच के दौरान वर्तमान गतिविधियों में सुधार पाए जाने पर प्रशासन ने कुछ आरोपियों को राहत भी दी है।
इनमें शामिल हैं:
शनि बाबू पुत्र राम सुरेश बाबू (निर्मल कॉलोनी, लालकुआं)
संजय बिनवाल पुत्र कुंदन सिंह (राजीव नगर, थाना लालकुआं)
हिमांशु शाही पुत्र गौरव शाही (दुगई स्टेट, थाना भवाली)
सूरज कुमार पुत्र कालूराम (देवलचौड़)
मोहम्मद आबिद पुत्र शब्बीर (थाना कालाढूंगी)
इन सभी के विरुद्ध चल रहे गुंडा एक्ट के नोटिस निरस्त कर दिए गए हैं।
प्रशासन का संदेश
जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट किया है कि अपराध और असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी।
साथ ही, जिन लोगों के व्यवहार में सुधार देखा जाएगा, उन्हें कानून के दायरे में राहत भी दी जाएगी।
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मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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