Rudraprayag News: केदारनाथ पैदल मार्ग पर आवागमन सुचारू, SDRF-NDRF अलर्ट
केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए SDRF, NDRF समेत सभी आपदा प्रबंधन टीमें मुस्तैदी से तैनात हैं।
लगातार बारिश के बीच पैदल यात्रियों के लिए दोहरा आवागमन बहाल, घोड़ा-खच्चरों के संचालन के लिए एकतरफा व्यवस्था लागू; गौरीकुंड से लिनचोली तक SDRF, NDRF समेत सभी आपदा प्रबंधन टीमें श्रद्धालुओं की सुरक्षा में 24 घंटे मुस्तैद।
रुद्रप्रयाग, 19 जुलाई 2026। मानसून के दौरान श्री केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। लगातार बारिश के बावजूद प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों के समन्वय से यात्रा मार्ग की नियमित निगरानी की जा रही है तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं लगातार मजबूत की जा रही हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार, वर्तमान में श्री केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग को पैदल यात्रियों के दोहरे आवागमन के लिए खोल दिया गया है। वहीं, यात्रा मार्ग पर भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घोड़ा-खच्चरों के संचालन के लिए एकतरफा व्यवस्था लागू की गई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यात्रा को सुचारू बनाए रखने के साथ-साथ किसी भी संभावित दुर्घटना की आशंका को कम करना है।
सहायक अभियंता (डीडीएमए), गुप्तकाशी ने बताया कि मार्ग की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बारिश को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देश पर पूरे जनपद में आपदा प्रबंधन तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवाड़ ने बताया कि लगातार वर्षा के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग के कुछ संवेदनशील स्थानों पर पहाड़ियों से बोल्डर और पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे कुछ स्थानों पर मार्ग अस्थायी रूप से प्रभावित हो रहा है। हालांकि, राहत एवं सुरक्षा टीमें तत्काल सक्रिय होकर मार्ग को सुरक्षित और सुचारू बनाए रखने में जुटी हैं।
यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरे केदारनाथ पैदल मार्ग पर SDRF, NDRF, DDRF, YMF और न्यू टास्क फोर्स की टीमें पहले से ही तैनात हैं। गौरीकुंड, चिरबासा, भीमबली, लिनचोली, बड़ी लिनचोली सहित अन्य संवेदनशील स्थलों पर आपदा प्रबंधन की टीमें चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें तथा केवल निर्धारित व्यवस्था और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों के अनुरूप ही यात्रा करें। प्रशासन का कहना है कि सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से मानसून के चुनौतीपूर्ण दौर में भी केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और निर्बाध बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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