Jaspal Rana: जन्मदिन पर मां श्यामा देवी ने भी ली अंतिम सांस, 16 दिन में दूसरी बार गम में डूबा परिवार; मुख्यमंत्री धामी ने जताया शोक
दिवंगत श्यामा देवी राणा और पद्मश्री स्वर्गीय जसपाल राणा। (फाइल फोटो)
जसपाल राणा के निधन के 16 दिन बाद मां श्यामा देवी ने भी दिल्ली में ली अंतिम सांस, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शोक व्यक्त कर परिजनों को ढांढस बंधाया।
देहरादून/टिहरी। भारतीय निशानेबाजी जगत के लिए जून का महीना बेहद दुखद साबित हुआ। द्रोणाचार्य सम्मानित कोच और पद्मश्री से सम्मानित दिवंगत अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज जसपाल राणा के निधन के महज 16 दिन बाद उनकी मां श्यामा देवी राणा (72) का भी रविवार को दिल्ली के एक अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। संयोग ऐसा रहा कि जिस दिन जसपाल राणा का जन्मदिन था, उसी दिन उनकी मां ने भी अंतिम सांस ली। इस भावुक घटना से पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई।
28 जून 1976 को उत्तरकाशी में जन्मे जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी के सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल रहे। ठीक 50 वर्ष बाद उसी तारीख को उनकी मां के निधन ने इस दुखद घटना को और भी मार्मिक बना दिया।
पूर्व खेल मंत्री नारायण सिंह राणा की धर्मपत्नी एवं टिहरी जिले के चिलामू गांव निवासी श्यामा देवी लंबे समय से अस्वस्थ थीं और दिल्ली के अस्पताल में भर्ती थीं। 12 जून को जसपाल राणा के आकस्मिक निधन के बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। परिवार ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेटे के निधन की जानकारी भी नहीं दी थी। अंतिम समय तक वह अपने बेटे से मिलने की आस लगाए रहीं, लेकिन उन्हें यह पता ही नहीं चल सका कि उनका बेटा उनसे पहले इस दुनिया को अलविदा कह चुका है।
जसपाल राणा भारतीय पिस्टल निशानेबाजों के हाई-परफॉर्मेंस कोच थे। म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप से लौटते समय उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। दिल्ली में स्टेंट सर्जरी के बाद वह स्वस्थ हो रहे थे, लेकिन अचानक उनका निधन हो गया। महज 18 वर्ष की उम्र में विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले जसपाल राणा ने राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का नाम रोशन किया।
मुख्यमंत्री धामी ने जताया गहरा शोक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ जनप्रतिनिधि नारायण सिंह राणा की धर्मपत्नी एवं पद्मश्री स्वर्गीय जसपाल राणा की माताजी श्यामा देवी राणा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत पुण्यात्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और समस्त परिजनों को इस कठिन समय में संबल देने की भी कामना की।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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