Haridwar: कांवड़ यात्रा के दौरान SDRF की मुस्तैदी, गंगा के तेज बहाव में फंसे 18 शिवभक्तों को रेस्क्यू कर बचाया
कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार में गंगा के तेज बहाव में फंसे 18 शिवभक्तों को SDRF जवानों ने सुरक्षित बचाया।
हरिद्वार के विभिन्न घाटों पर SDRF की टीमें अलर्ट, पैर फिसलने और तेज बहाव की चपेट में आए श्रद्धालुओं को त्वरित कार्रवाई कर सुरक्षित निकाला
हरिद्वार, 8 अगस्त 2026। कांवड़ यात्रा के दौरान गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के बीच SDRF उत्तराखंड पुलिस लगातार मुस्तैद है। हरिद्वार और ऋषिकेश के विभिन्न घाटों एवं संवेदनशील स्थानों पर तैनात SDRF की टीमों ने शुक्रवार को अलग-अलग घटनाओं में गंगा के तेज बहाव और पैर फिसलने के कारण संकट में फंसे कुल 18 शिवभक्तों को त्वरित रेस्क्यू कर सकुशल बाहर निकाला। SDRF जवानों की सतर्कता, साहस और समय रहते की गई कार्रवाई से संभावित अनहोनी को टाल दिया गया।
कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए हरिद्वार सेनानायक SDRF श्री अर्पण यदुवंशी के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में SDRF की टीमें गंगा के विभिन्न घाटों और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं। गंगा स्नान के दौरान श्रद्धालुओं के पैर फिसलने, तेज बहाव की चपेट में आने अथवा गहरे पानी में जाने जैसी परिस्थितियों को देखते हुए जवानों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी क्रम में 8 अगस्त 2026 को हरिद्वार के विभिन्न घाटों पर गंगा स्नान के दौरान कई श्रद्धालु अचानक संकट में फंस गए। कुछ श्रद्धालुओं का पैर फिसल गया, जबकि कुछ गंगा के तेज बहाव की चपेट में आ गए। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए मौके पर तैनात SDRF जवानों ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना तेज बहाव के बीच पहुंचकर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला।
रेस्क्यू किए गए 18 शिवभक्त उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और अन्य क्षेत्रों से कांवड़ यात्रा के लिए हरिद्वार पहुंचे थे। इनमें एटा निवासी मिथलेश और सर्वेश, हरियाणा के बहादरगढ़ निवासी 13 वर्षीय सुमित, उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर निवासी 21 वर्षीय राजू, दिल्ली के मंडावली निवासी फूल कुमार मंडल और अनिमेश मंडल, हरियाणा के पलवल निवासी सुनील और रणवीर, दिल्ली निवासी साहिल, अलीगढ़ निवासी 16 वर्षीय नितिन, हरिद्वार के ज्वालापुर निवासी शहजाद, मुरादाबाद निवासी कृष्णा, रोहतक निवासी विक्रम और कपिल दुहन, पानीपत निवासी सचिन कुमार और विजेंद्र, सिरसा निवासी हरमन तथा नारनौल निवासी अमित शामिल हैं।
SDRF की त्वरित कार्रवाई के चलते सभी 18 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रेस्क्यू के दौरान जवानों ने नदी के तेज बहाव और परिस्थितियों की चुनौती के बीच समन्वय के साथ अभियान को अंजाम दिया। समय रहते की गई इस कार्रवाई ने एक बड़े हादसे की आशंका को टाल दिया।
SDRF उत्तराखंड पुलिस की ओर से कांवड़ यात्रा के दौरान गंगा घाटों पर लगातार निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। जवान श्रद्धालुओं को सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करने, नदी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने के लिए लगातार जागरूक कर रहे हैं।
सेनानायक SDRF श्री अर्पण यदुवंशी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा SDRF की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने शिवभक्तों और नदी तटों पर पहुंचने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि गंगा एवं अन्य नदियों में स्नान के लिए केवल निर्धारित और सुरक्षित घाटों का ही प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि तेज बहाव और गहरे पानी वाले स्थानों पर जाने से बचें तथा नदी के जलस्तर और बहाव में अचानक होने वाले बदलाव को देखते हुए किसी भी तरह का जोखिम न लें।
उन्होंने श्रद्धालुओं से यह भी अपील की कि घाटों और नदी तटों पर तैनात SDRF एवं पुलिस जवानों के निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें। सावधानी और सतर्कता ही सुरक्षित कांवड़ यात्रा की सबसे बड़ी कुंजी है। SDRF की टीमें यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए लगातार सक्रिय रहेंगी।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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