गुप्त नवरात्रि 2026: समय माता मंदिर में रात्रिकालीन साधना में लीन हुए सत्य साधक
लोक कल्याण की कामना को लेकर 19 जनवरी से 27 जनवरी तक मां बगलामुखी साधना
श्रावस्ती। गुप्त नवरात्रि के पावन अवसर पर सत्य साधक श्री विजेंद्र पांडे गुरुजी श्रावस्ती जिले के प्रसिद्ध समय माता मंदिर में लोक कल्याण की कामना को लेकर मां बगलामुखी साधना में लीन हैं। नवरात्रि के प्रथम दिन 19 जनवरी से शुरू हुई गुरु जी की रात्रिकालीन साधना 27 जनवरी तक अनवरत जारी रहेगी। गुरु जी की साधना पूर्ण होने पर हवन यज्ञ और प्रसाद वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
श्रावस्ती जनपद के जमुनहा ब्लॉक के अंतर्गत पतझियां गाँव में स्थित समय माता मंदिर एक आस्था का प्रमुख केंद्र है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, यहाँ पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और संतान की प्राप्ति के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से यहाँ दर्शन के लिए आते हैं।
गुप्त नवरात्रि के अवसर पर गुरु जी ने मां बगलामुखी की महिमा का बखान करते हुए कहा कि नवरात्री में देवी के दस विद्याओं की पूजा की जाती है ,दस महाविद्या में आठवीं विद्या है माँ बगलामुखी। गुप्त नवरात्री के आठवे दिन माँ बगलामुखी की पूजा करने का नियम है, माँ बगलामुखी को पीताम्बरा और ब्रह्मास्त्र भी कहा जाता है। माँ बगलामुखी के मुख से पीली आभा निकलती रहती है, इनकी पूजा में पीले रंग का विशेष महत्व होता है। माँ बगलामुखी को स्तम्भन शक्ति की देवी माना जाता है। शास्त्रों में बताया गया है की सौराष्ट्र में आये महातूफ़ान को शान्त करने के लिये भगवान विष्णु ने माँ बगलामुखी की तपस्या की थी। भगवान् विष्णु के द्वारा की गयी तपस्या के फलस्वरुप माँ बगलामुखी का प्राकट्य हुआ था ,विशेष रूप से शत्रु और विरोधियों को परास्त करने तथा मुकदमे में जीत हासिल करने के लिए माँ बगलामुखी की उपासना अचूक मानी जाती है।
गुरु जी ने बताया कि मां बगलामुखी के छत्तीस अक्षर मंत्र इस प्रकार हे,
ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय जिह्ववां कीलय बुद्धि विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा।
यदि मंत्र जाप नहीं कर सकते हे तो, माता बगलामुखी चालीसा पाठ भी कर सकते हे,
फिर जाप और पाठ करके अपना नाम गोत्र और मनोकामना बोलकर सीधे हाथ में जल रखकर माता के सामने छोड़े,
फिर अपने आसान के सामने जल छोड़कर प्रणाम करें।
सत्य साधक गुरु जी ने कहा सनातन धर्म में गुप्त नवरात्रि का बहुत महत्व है. गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की 10 महाविद्याओं की गुप्त पूजा की जाती है, जिसमे माँ बगलामुखी अष्टम महाविद्या है, जिन्हें ब्रम्हास्त्र भी कहा जाता है, गुप्त नवरात्रि में इनकी साधना व पुजा से जातक को सिद्धिया प्राप्ति होती हैं।
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
हमारे व्हाट्सएप समाचार ग्रुप से जुड़ें
फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ को लाइक करें
टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ने के लिए क्लिक करें
हमारे इस नंबर 9927164214 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में आज बदला मौसम, बूंदाबांदी शुरू, देखें भारी बर्फबारी -बारिश का IMD अलर्ट
रोजगार समाचार: वायुसेना में अग्निवीर वायु के पदों पर बंपर भर्ती ,इस तारीख तक करें आवेदन
Uttarakhand: विधायक बेहड़ के पुत्र पर जानलेवा हमले का बड़ा खुलासा, खुद रची थी साजिश
Uttarakhand: विजिलेंस एक्शन जारी , अब इस अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ किया गिरफ्तार
धामी सरकार का बड़ा ट्रांसपोर्ट प्लान: देहरादून समेत प्रमुख शहरों में ई-बीआरटी और रोपवे नेटवर्क की तैयारी