पिथौरागढ़: शहीद विकास कुमार को भावभीनी श्रद्धांजलि—हजारों नम आंखों ने दी अंतिम विदाई
वीर सपूत की शहादत से पूरे क्षेत्र में शोक
“हजारों लोग नम आंखों से शहीद को अंतिम सलाम दे रहे हैं।
गांव भर में मातम और गर्व का भाव एक साथ उमड़ा।”

पिथौरागढ़। जनपद पिथौरागढ़ के वीर सपूत लांस नायक विकास कुमार, जो 19 कुमाऊँ रेजिमेंट में तैनात थे, सिक्किम में कर्तव्य पालन के दौरान 29 मार्च को एवलांच की चपेट में आकर शहीद हो गए। उनकी शहादत की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनके पैतृक गांव गणकोट (सुकौली) में मातम का माहौल है।
जिलाधिकारी और अधिकारियों ने अर्पित किया श्रद्धासुमन
जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने शहीद विकास कुमार को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि उनका बलिदान देशभक्ति का प्रतीक है और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। महापौर कल्पना देवलाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विरेंद्र सिंह बोहरा, उपजिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किया।

अंतिम दर्शन पर भारी भीड़, पत्नी और मां के आंसू
सेना की गाड़ी पार्थिव शरीर लेकर गांव पहुंच चुकी है, जहां हजारों लोग अंतिम दर्शन के लिए जुटे हैं। जैसे ही ताबूत खोला गया, पत्नी प्रीति भावुक हो गईं और बार-बार कहती रहीं, “इन्हें हॉस्पिटल लेकर चलते हैं।” कुछ ही देर बाद वह रोते-रोते बेहोश हो गईं। मां भी आंसुओं में डूबी नजर आईं। इस दृश्य ने पूरे माहौल को और भी भावुक कर दिया।

परिवार पर अपार दुःख, देश पर अमिट गौरव
शहीद विकास कुमार अपने पीछे माता-पिता, पत्नी और 10 महीने के बेटे पृथ्विक को छोड़ गए हैं। पूरे गांव और परिवार में शोक है, लेकिन उनके साहस और देशभक्ति पर गर्व भी है।
सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
अब कुछ ही देर में उनका अंतिम संस्कार रामेश्वर घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। घर से श्मशान घाट की दूरी लगभग 45 किमी है। प्रशासन और स्थानीय लोग सुनिश्चित कर रहे हैं कि शहीद को हर संभव सम्मान के साथ अंतिम विदाई मिले।
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