देवप्रयाग हादसा अपडेट: 4 मृतकों की शिनाख्त, 3 लापता की तलाश में SDRF का सर्च ऑपरेशन जारी
देवप्रयाग हादसे के बाद SDRF की टीम गंगा में सर्च ऑपरेशन चलाती हुई।
SDRF की डीप डाइविंग टीम गंगा में तेज बहाव के बीच लगातार चला रही सर्च अभियान
टिहरी गढ़वाल, 03 जून 2026। देवप्रयाग क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। बीते 02 जून 2026 को एक इनोवा कार (UK08TA-5433) अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरते हुए गंगा नदी में समा गई थी। वाहन में कुल 08 लोग सवार थे, जिनमें 05 महिलाएं और 03 पुरुष शामिल थे।
हादसे का विवरण
घटना के अनुसार, इनोवा कार ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर देवप्रयाग के समीप अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई और सीधे गंगा नदी में जा समाई। हादसे के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस व SDRF को सूचना दी गई।
SDRF का सर्च एवं रेस्क्यू अभियान
03 जून 2026 को SDRF द्वारा तत्काल सर्च एवं रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। सेनानायक श्री अर्पण यदुवंशी के निर्देशन में SDRF की टीमों ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में अभियान को आगे बढ़ाया।
डीप डाइविंग टीमों द्वारा नदी के भीतर तेज बहाव और गहराई वाले क्षेत्रों में लगातार सर्चिंग की जा रही है। राफ्टिंग और आधुनिक रेस्क्यू तकनीकों की मदद से संभावित स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। वर्तमान में 03 लापता व्यक्तियों की तलाश के लिए व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन जारी है।
शवों की पहचान और पोस्टमार्टम
इसी बीच दुर्घटना में बरामद चार शवों की पहचान कर ली गई है। देवप्रयाग कोतवाल प्रशांत बहुगुणा ने बताया कि परिजनों द्वारा मृतकों की शिनाख्त की गई है। मृतकों में डॉ. दिनेश पंवार (27), कमला देवी (62), अश्लेषा (22) और चालक अमित गुप्ता (32) शामिल हैं।
सभी मृतक मूल रूप से दरिया नाथ की बावड़ी, जैसलमेर (राजस्थान) और लक्सर (हरिद्वार) के निवासी बताए गए हैं। शवों का श्रीनगर बेस अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है।
वाहन बरामद, सर्च ऑपरेशन और तेज
बुधवार को पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने गंगा की तेज धारा से दुर्घटनाग्रस्त इनोवा कार को क्रेन की सहायता से बाहर निकाल लिया। हालांकि, वाहन के भीतर कोई शव नहीं मिला।
इसके बाद SDRF और स्थानीय गोताखोरों ने दुर्घटनास्थल के आसपास गंगा में डीप डाइविंग कर सर्च अभियान और अधिक तेज कर दिया है। प्रशासन द्वारा लगातार राहत एवं बचाव कार्य पर निगरानी रखी जा रही है और लापता लोगों की तलाश हर संभव तकनीक के साथ जारी है।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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