सीएम धामी का सख्त संदेश – जनसमस्याएं लंबित मिली तो होगी कार्रवाई ,फाइलों में नहीं, मैदान में काम करेगी सरकार
मुख्य सेवक की चौपाल में जनता से सीधा संवाद, अधिकारियों को मौके पर आदेश
जन-जन की सरकार अभियान: शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश
धामी बोले – अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुँचाना ही लक्ष्य
Haridwar News- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम आर्यनगर (गाजीवाली), श्यामपुर कांगड़ी में आयोजित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के अंतर्गत मुख्य सेवक की चौपाल कार्यक्रम में जनता से सीधा संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार अब केवल फाइलों में नहीं, बल्कि मैदान में काम करेगी।
कार्यक्रम में विभिन्न ग्रामों के प्रधानों और स्थानीय नागरिकों ने अपनी समस्याएँ मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी को सख्त आदेश देते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी जनसमस्या लंबित नहीं रहनी चाहिए और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह चौपाल केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार की जवाबदेही का जीवंत मंच है, जिसका उद्देश्य प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुँचाना है ताकि आमजन को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि शिकायतों के समाधान में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले डेढ़ माह में अभियान के माध्यम से प्रदेश भर में लाखों लोग लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने इसे सरकार और जनता के बीच विश्वास का मजबूत सेतु बताया।
युवाओं के रोजगार पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अब तक 28,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियाँ दी जा चुकी हैं और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सरकार की प्राथमिकता है। साथ ही स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य जारी है।
किसानों के हितों के लिए चल रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, कृषि उत्पादों के बेहतर मूल्य और आधुनिक तकनीकों के प्रसार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) को उत्तराखंड का ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कहा कि यह सामाजिक समरसता और समानता को मजबूत करने वाला कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है और केंद्र-राज्य समन्वय से विकास कार्यों को गति मिली है। तकनीक और पारदर्शिता के माध्यम से भ्रष्टाचार पर भी सख्त प्रहार किया गया है।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
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