सीएम धामी का ऐलान, उत्तराखंड के लोकपर्वों को समेकित नीति से मिलेगी नई पहचान
- -राज्य के लोक पर्वों को पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत धामी सरकार
- -ईगास बगवाल पर भी किया था सार्वजनिक अवकाश घोषित
देहरादून। राज्य सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर सीएम धामी ने आज प्रदेशवासियों के लिए तमाम महत्वपूर्ण घोषणाएं की। इन सबके बीच एक अहम घोषणा उत्तराखंड के लोक पर्वों को लेकर भी उनके द्वारा की गई।
दरअसल, पहाड़ और यहां कि संस्कृति में रचे बसे लोकपर्वों को लेकर भी धामी नए विजन के साथ काम कर रहे हैं। बीते वर्ष जहां दीवाली के बाद ईगास बग्वाल के अवसर पर न केवल उनके द्वारा सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया बल्कि इसका असर ये रहा कि पूरे प्रदेश में पहली बार इस अहम लोक पर्व को गढ़वाल से लेकर कुमाऊँ और देहरादून, हरिद्वार में भी पूरे उत्साह के साथ मनाया गया।
अभी हाल में संपन्न हुए फूलदेई त्योहार को लेकर भी इसी तरह का माहौल देखने को मिला। गैरसैंण में चल रहे विधानसभा सत्र के बीच आए इस पर्व को मुख्यमंत्री धामी ने गैरसैंण में सरकारी आवास पर बच्चों की मौजूदगी में खूब धूमधाम से मनाया।
भराड़ीसैण इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में भी फूलदेई को लेकर उन्होंने बच्चों की जमकर तारीफ की। आज सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर सीएम धामी ने लोक पर्वों के लिए समेकित नीति लाने की बात कहकर दर्शा दिया है कि राज्य की संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए वे पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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