चमोली: पहाड़ से आया मलबे का सैलाब , कई वाहन दबे ,रेस्क्यू जारी
मजदूरों की झोपड़ियां भी मलबे में दबी, जनजीवन अस्त व्यस्त
चमोली: उत्तराखंड में बारिश से तबाही का क्रम जारी है।
ताजा मामले में आज चमोली के नारायणबगड़ ब्लाक के पंगती गांव में अतिवृष्टि से भारी तबाही हुई है जिस घटना के बाद जिला प्रशासन की टीमें और एसडीआरएफ घटनास्थल की ओर रवाना हो गए हैं बताया जाता है कि आज सुबह करीब 5 बजकर 30 मिनट पर अतिवृष्टि के बाद पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आया था।
मजदूरों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सभी बच्चों और महिलाओं को सैलाब से बचा लिया। ये सभी मजदूर नेपाल और झारखंड के रहने वाले हैं। मलबे से कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे बंद हो गया है, जिसे खोलने के प्रयास जारी हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कई दोपहिया वाहन व कार भी मलबे में दबे हुए हैं। प्रशासन मौके पर पहुंच गया है। बचाव व राहत के कार्य शुरू कर दिए गए हैं। मजदूरों और उनके बच्चों को गांव के लोगों ने अपने घरों में सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है।

मलबा व बारिश के पानी ने नाले में बिकराल रूप रूप धारण कर बीआरओ मजदूरो झोपड़ियां की तरफ कहर बनकर टूटा जिससे बीआरओ में काम करने वाले मजदूरो की झोपड़ियों को नुकसान हुआ है ,साथ ही एक दर्जन से अधिक वाहन मलवे में दबे हैं सूचना की खबर मिलते ही स्थनीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुट गया है हालांकि अभी तक जनहानि की कोई सूचना नहीं है लेकिन जिला प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुट गया है।



मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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