रुद्रप्रयाग: केदारनाथ यात्रा को लेकर प्रशासन अलर्ट, तैयारियों को अंतिम रूप
डीएम के सख्त निर्देश—लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई।
सड़क, स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा।
रुद्रप्रयाग, 03 अप्रैल 2026: आगामी केदारनाथ धाम यात्रा 22 अप्रैल 2026 से प्रारंभ होने जा रही है। यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग तैयारियों को अंतिम चरण में तेजी से पूरा करने में जुटा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में जिला कार्यालय स्थित एनआईसी सभागार में जिला स्तरीय समन्वय एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों द्वारा की गई तैयारियों और शेष कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में अधिकारियों ने यात्रा व्यवस्थाओं और विभागीय जिम्मेदारियों की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी कार्य हर हाल में पूरे किए जाएं और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सड़क और राजमार्ग व्यवस्थाओं पर फोकस
जिलाधिकारी ने यात्रा मार्ग की स्थिति की समीक्षा करते हुए भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की जानकारी ली। नरकोटा, तिलवाड़ा, गुप्तकाशी, चंद्रापुरी सहित विभिन्न स्थानों पर चल रहे कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क पर मलबा न रहे और पैचवर्क, पैराफिट, रोड मार्किंग, स्लोप ट्रीटमेंट, चौड़ीकरण और क्रैश बैरियर जैसे कार्य समय से पूरे किए जाएं। साथ ही आवश्यक स्थानों पर साइनेज और डायवर्जन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए।
पैदल मार्ग और पड़ावों की तैयारियां
गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, विश्राम स्थल, सुरक्षा, नेटवर्क कनेक्टिविटी, हेलिपैड और रैन शेल्टर की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। घोड़ा-खच्चर संचालन के लिए पंजीकरण और बीमा की स्थिति पर भी जानकारी ली गई। स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टरों की तैनाती के साथ एक्स-रे और ईसीजी जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
स्वच्छता और आधारभूत सुविधाओं पर जोर
जिलाधिकारी ने स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कूड़ा निस्तारण, शौचालयों की व्यवस्था, जल टंकियों की सफाई और पर्यावरण मित्रों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गंदगी फैलाने वालों पर चालान और नियमित निरीक्षण के भी निर्देश दिए गए।
इसके अलावा पार्किंग, पेयजल, बिजली, सोलर लाइट, यातायात, आपदा प्रबंधन और संचार व्यवस्था पर भी चर्चा की गई। एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। संवेदनशील क्षेत्रों में अनिवार्य रूप से साइनेज लगाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उपजिलाधिकारी सोहन सिंह सैनी, उपजिलाधिकारी अनिल रावत, एसीएमओ डॉ. सीमा टेकचंदानी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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