प्रवासियों को संस्थागत कोरेंटाइन सेंटरों में रहना ही होगा ,फंड की कोई कमी नहीं-जिलाधिकारी
हल्द्वानी 22 मई । जिले मे बाहर से विभिन्न जनपदों एवं प्रान्तों से आने वाले लोगों को अनिवार्य रूप से संस्थागत कोरेन्टाइन सेन्टरों में रहना होगा, स्वास्थ्य विभाग की संस्तुति पर ही होम कोरेन्टाइन की व्यवस्था होगी।
यह जानकारी जिलाधिकारी सविन बंसल ने दी है।
उन्होनेे बताया कि जनपद में शहरीय क्षेत्रों मे कोरेन्टाइन सेन्टर होटलों, बारातघरों तथा अतिथि गृहों मे बनाये गये है। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के संस्थागत कोरेन्टाइन सेन्टर पंचायत घरों, राजकीय विद्यालयों तथा अन्य सरकारी भवनों में स्थापित किये गये है। उन्होने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के कोरेन्टाइन सेन्टर मे व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों को दी गई है तथा ग्रामीण कोरेन्टाइन सेन्टरों की मानिटरिंग के लिए ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी तथा सम्बन्धित विद्यालय के अध्यापकों को ड्यूटी पर लगाया गया है।
जिलाधिकारी श्री बंसल ने जिले के सभी ग्राम प्रधानों से कहा है कि फंड की कोई कमी नही है सभी ग्राम प्रधानों के पास राज्य वित्त से सम्बन्धित सभी वित्तीय संसाधन उपलब्ध है। पिछले वर्ष की लम्बित धनराशि को सभी ग्राम प्रधान कोरोना संक्रमण आपदा के लिए विशेष परिस्थितियों मे व्यय करें। उन्होेने सभी ग्राम प्रधानों को आश्वस्त करते हुये कहा है कि यदि और धनराशि की आवश्यकता होगी तो उन्हे धनराशि मुख्य मंत्री राहत कोष अथवा जिला दैवीय आपदा मद से अवमुक्त की जायेगी।
उन्होने ग्राम प्रधानों से कहा है कि वह किसी भी प्रकार की समस्या अथवा जानकारी हासिल करने के लिए आपदा कन्ट्रोल रूम नैनीताल के दूरभाष नम्बर 05942-231178, 231179 अथवा टाॅल-फ्री नम्बर 1077 तथा हल्द्वानी में संचालित कोविड कन्ट्रोल रूम के दूरभाष नम्बर 05946-281234 अथवा 287722 पर बात कर सकते है।
उन्होने कहा कि यह सभी नम्बर चौबीस घंटे कार्यरत है। उन्होने ग्राम प्रधानो से यह भी कहा है कि ग्राम सभाओं मे तैनात किये गये ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी तथा अध्यापक यदि ड्यूटी पर नही आ रहे है अथवा सहयोग नही कर रहे हैं तो इसकी भी जानकारी कन्ट्रोल रूम के नम्बरों पर दें। ऐसे लापरवाह कर्मचारियों के विरूद्व दैवीय आपदा एक्ट की विभिन्न धाराओ में कार्यवाही की जायेगी।
उन्होने जिला विकास अधिकारी रमा गोस्वामी तथा जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिह को निर्देश दिये है कि वह तत्काल विकास खण्ड मुख्यालयों पर ग्राम प्रधानो के साथ बैठक कर उनकी समस्याओ का निराकरण करें तथा इस सम्बन्ध में वांछित जानकारी भी देें। अधिकारियों एवं ग्राम प्रधानो के बीच किसी भी प्रकार की संवादहीनता नही होनी चाहिए।
सभी खण्ड विकास अधिकारी अपने क्षेत्र के ग्राम प्रधानो का वाट्सएप गु्रप बनाकर अपनी समस्याओं का संज्ञान लें तथा सकारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करें।
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