उत्तराखंड: फेसबुक दोस्ती के जाल में फंसी शिक्षिका, ‘ब्रिटेन की डॉक्टर’ बन 58 लाख की ठगी
फर्जी गिफ्ट, कस्टम और आरबीआई चार्ज के नाम पर तीन साल तक ठगते रहे आरोपी, साइबर क्राइम थाना में मामला दर्ज
रुद्रपुर। अल्मोड़ा जिले की एक महिला शिक्षिका ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गईं, जहां फेसबुक पर हुई दोस्ती ने उन्हें लाखों का नुकसान पहुंचा दिया। खुद को ब्रिटेन की डॉक्टर बताने वाली साइबर ठग महिला और उसके साथियों ने गिफ्ट भेजने और कस्टम क्लियरेंस के नाम पर करीब 58 लाख रुपये ऐंठ लिए।
पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2022 में ‘डॉ. मारियो’ नाम की फेसबुक प्रोफाइल से उन्हें फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली थी। प्रोफाइल पर विदेशी महिला की तस्वीर थी और बातचीत के दौरान उसने खुद को ब्रिटेन के सरकारी अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ बताया। धीरे-धीरे बातचीत फेसबुक से व्हाट्सएप तक पहुंच गई और भरोसा बढ़ता गया।
वर्ष 2023 में ठग ने दावा किया कि उसने उनके लिए ब्रिटेन से एक महंगा गिफ्ट भेजा है। इसके कुछ समय बाद खुद को कस्टम अधिकारी बताने वाले व्यक्ति का फोन आया, जिसने पार्सल में विदेशी मुद्रा और कीमती सामान होने की बात कहकर उसे छुड़ाने के नाम पर पैसे मांगे। शुरुआत में संदेह के बावजूद पीड़िता झांसे में आ गईं और रकम ट्रांसफर कर दी।
इसके बाद आरबीआई चार्ज, कस्टम ड्यूटी और अन्य शुल्क के नाम पर अलग-अलग खातों में लगातार पैसे जमा कराए जाते रहे। ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर उन पर दबाव भी बनाया।
नवंबर 2023 से 23 मार्च 2026 के बीच आरोपियों ने उनसे करीब 58 लाख रुपये ठग लिए। इतना ही नहीं, आरोपियों ने पीड़िता से चार नए बैंक खाते खुलवाए और उनके एटीएम कार्ड व सिम दिल्ली के पते पर मंगवा लिए, जिनका बाद में दुरुपयोग किया गया।
जब शिक्षिका को ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने तुरंत बैंक जाकर सभी खाते बंद कराए और साइबर क्राइम थाना पंतनगर में शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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