Uttarakhand Job: चार महीने में 10 हजार युवाओं को नौकरी का लक्ष्य, 4 शहरों में लगेंगे बड़े रोजगार मेले
उत्तराखंड में प्रस्तावित रोजगार मेलों के जरिए 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार देने की तैयारी।
देहरादून, श्रीनगर, काशीपुर और अल्मोड़ा में लगेंगे रोजगार मेले; एक सप्ताह में शुरू होगा निःशुल्क ऑनलाइन पंजीकरण, विभिन्न वर्गों के युवाओं को मिलेगा निजी क्षेत्र में नौकरी का अवसर
देहरादून, 9 अगस्त 2026। उत्तराखंड के बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। तकनीकी शिक्षा विभाग अगले चार महीनों के भीतर प्रदेश में चार विशेष रोजगार मेलों का आयोजन करेगा। इन मेलों के माध्यम से देशभर की बहुराष्ट्रीय और निजी क्षेत्र की कंपनियों को उत्तराखंड के युवाओं से सीधे जोड़ते हुए करीब 10 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। रोजगार मेलों का फोकस केवल तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अलग-अलग शैक्षणिक और कौशल पृष्ठभूमि वाले रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
तकनीकी शिक्षा विभाग की योजना के अनुसार गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में दो-दो रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे। गढ़वाल मंडल में देहरादून और श्रीनगर, जबकि कुमाऊं मंडल में काशीपुर और अल्मोड़ा को रोजगार मेलों के लिए चुना गया है। इन स्थानों पर आयोजित होने वाले मेलों में देशभर की विभिन्न बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ ही निजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि कंपनियों की आवश्यकता और युवाओं की शैक्षणिक एवं कौशल योग्यता के बीच सीधा समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
तकनीकी शिक्षा से आगे बढ़ेगा रोजगार मेलों का दायरा
इन रोजगार मेलों की खास बात यह होगी कि इसमें केवल पॉलीटेक्निक और आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके युवाओं को ही अवसर नहीं मिलेगा। पॉलीटेक्निक और आईटीआई के पासआउट विद्यार्थियों के साथ अंतिम वर्ष में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं भी रोजगार के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों से पढ़ाई पूरी कर चुके और अंतिम वर्ष में अध्ययनरत विद्यार्थियों को भी निजी कंपनियों में नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने की तैयारी है।
विद्यालयी शिक्षा के तहत व्यावसायिक पाठ्यक्रम पूरा कर चुके छात्र-छात्राओं को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा। वहीं उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को भी रोजगार मेलों में निजी क्षेत्र की कंपनियों के प्रतिनिधियों से सीधे संपर्क का अवसर मिलेगा। इस तरह इन मेलों का दायरा केवल तकनीकी संस्थानों तक सीमित न रहकर विभिन्न शैक्षणिक, व्यावसायिक और कौशल पृष्ठभूमि वाले युवाओं तक विस्तारित किया जाएगा।
एक सप्ताह में शुरू होगा निःशुल्क ऑनलाइन पंजीकरण
रोजगार मेलों में भाग लेने के इच्छुक युवाओं के लिए निःशुल्क ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की जाएगी। तकनीकी शिक्षा विभाग को एक सप्ताह के भीतर ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी करने को कहा गया है। पंजीकरण के दौरान युवाओं की शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल और अन्य आवश्यक विवरण जुटाए जाएंगे। इसके आधार पर रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं का एक व्यवस्थित डाटा तैयार किया जाएगा।
तैयार किए जाने वाले इस डाटा का इस्तेमाल कंपनियों की आवश्यकता के अनुरूप अभ्यर्थियों की पहचान और चयन प्रक्रिया को बेहतर ढंग से संचालित करने में किया जाएगा। इससे कंपनियों को अपनी जरूरत के मुताबिक योग्य अभ्यर्थियों तक पहुंचने में सुविधा होगी और युवाओं को भी उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
कई विभाग मिलकर करेंगे रोजगार मेलों का आयोजन
सरकार ने रोजगार मेलों को केवल तकनीकी शिक्षा विभाग की गतिविधि तक सीमित रखने के बजाय बहु-विभागीय अभियान के रूप में आयोजित करने की तैयारी की है। इसमें विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा, सेवायोजन और कौशल विकास विभाग की भी भागीदारी रहेगी। विभिन्न विभागों के स्तर पर उपलब्ध युवाओं और रोजगार से संबंधित डाटा को समन्वित करते हुए कंपनियों तक अधिक से अधिक योग्य अभ्यर्थियों को पहुंचाने की योजना है।
रोजगार मेलों की तारीख, कंपनियों की भागीदारी, युवाओं के पंजीकरण, चयन प्रक्रिया और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए संबंधित विभागों की उच्चस्तरीय संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। इसी बैठक में चारों रोजगार मेलों के आयोजन को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तय किए जाने की तैयारी है।
निजी क्षेत्र में रोजगार पर विशेष जोर
सरकार की इस पहल में खास तौर पर निजी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा हासिल करने वाले युवाओं के सामने अक्सर उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार के अवसरों तक सीधे पहुंचने की चुनौती रहती है। ऐसे में रोजगार मेलों के जरिए कंपनियों और अभ्यर्थियों को एक ही मंच पर लाने की कोशिश की जा रही है।
चार महीने की अवधि में चार बड़े रोजगार मेलों के आयोजन के जरिए करीब 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाने का लक्ष्य इस अभियान को व्यापक स्वरूप देता है। यदि कंपनियों की भागीदारी और युवाओं का पंजीकरण लक्ष्य के अनुरूप रहा तो प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को अपने ही राज्य में निजी क्षेत्र की कंपनियों से सीधे जुड़ने का बड़ा अवसर मिल सकेगा।
अब तक 42 हजार लोगों को रोजगार का दावा
सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार राज्य में अब तक करीब 42 हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। इसमें स्थायी कार्मिकों के साथ संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए अब तकनीकी शिक्षा विभाग के माध्यम से अगले चार महीनों में निजी क्षेत्र में 10 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
चार शहरों में प्रस्तावित रोजगार मेले, निःशुल्क ऑनलाइन पंजीकरण, युवाओं का केंद्रीकृत डाटा तैयार करने और विभिन्न विभागों की संयुक्त भागीदारी की योजना के जरिए सरकार निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को व्यापक स्तर पर बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। आने वाले दिनों में रोजगार मेलों की तिथियों और कंपनियों की भागीदारी को अंतिम रूप दिए जाने के बाद युवाओं के लिए पंजीकरण और चयन प्रक्रिया की तस्वीर और स्पष्ट होगी।

मोहन चंद्र जोशी, नैनीताल (उत्तराखंड) के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट के संपादक हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष व जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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