लालकुआं (हॉट सीट): कांटे की टक्कर में सियासी समीकरण भी उलझे , पढ़िए क्या कहते हैं राजनीतिक विश्लेषक
- कांग्रेस और भाजपा प्रत्याशी के बीच कड़ा मुकाबला होने के आसार , किसका पलड़ा भारी राजनीतिक विश्लेषक भी असमंजस में
लालकुआं। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 के लिए मतदान हो चुका है ,राज्य के दिग्गजों समेत सभी प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला आगामी 10 मार्च को होना है। इसी क्रम में हॉट सीट लालकुआं में भी सभी की निगाहें टिकी हुई हैं क्योंकि इस सीट पर कांग्रेस के कद्दावर नेता पूर्व सीएम हरीश रावत मैदान में है ,1 लाख 20 हजार 551 मतदाताओं वाली इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी हरीश रावत और भाजपा के डॉ मोहन सिंह बिष्ट समेत कुल 13 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
लालकुआं विधानसभा के भौगोलिक परिदृश्य पर नजर डालें तो इस विधानसभा का अधिकांश क्षेत्र ग्रामीण है। लालकुआं विधानसभा सीट में 1 लाख 20 हजार 551 मतदाताओं में से कुल 86 हजार 877 मतदाताओं ने मतदान किया है
जिनमें बिंदुखत्ता क्षेत्र में 33 हजार 486 मतदाताओं में 26 हजार 7 वोटरों ने मतदान किया है वहीं लालकुआं क्षेत्र से 17 हजार 543 मतदाताओं में से 10 हजार 343 वोट पड़े हैं। जबकि बरेली रोड़ 45 हजार 765 मतों में से 32 हजार 809 वोट पड़े हैं जबकि गौलापार-चोरगलिया क्षेत्र में 23 हजार 757 मतों में 17 हजार 678 वोट पड़े हैं।
इन विभिन्न क्षेत्रों से मिल रहे ताजा फीडबैक पर नजर डालें तो बिंदुखत्ता क्षेत्र में जहां कांग्रेस प्रत्याशी द्वारा बढ़त बनाए जाने की संभावना है वहीं लालकुआं क्षेत्र में कांटे की टक्कर की संभावना है।
इधर बरेली रोड पर नजर डालें तो यहां भाजपा के बढ़त बनाए जाने की संभावना है वहीं गौलापार -चोरगलिया में भी बीजेपी के बढ़त बनाए जाने के आसार नजर आ रहे हैं।
इस लिहाज से देखें तो कांग्रेस प्रत्याशी हरीश रावत और भाजपा प्रत्याशी डॉ मोहन सिंह बिष्ट के बीच कांटे का मुकाबला होने के प्रबल आसार नजर आ रहे हैं। राजनीतिक जानकारों की मानें तो जीत हार का फैसला भी मामूली अंतर से होने की संभावना जताई जा रही है।
इधर कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय मैदान में उतरीं संध्या डालाकोटी और भाजपा से बगावत कर निर्दलीय मैदान में कूदे पवन चौहान दोनों ही प्रत्याशी अंत तक चुनाव मैदान में डटे रहे। राजनीतिक जानकारों की मानें तो पवन चौहान ने जहां सीधे भाजपा के मतदाताओं में सेंधमारी की वही संध्या डालाकोटी कांग्रेस के साथ ही कुछ क्षेत्रों में भाजपा को भी नुकसान पहुंचा रही है दोनों ही निर्दलीय प्रत्याशी कांग्रेस और बीजेपी के कितने समीकरण बिगाड़ते हैं यह तो समय के गर्भ में है फिलहाल इस सीट पर मुकाबला रोचक होने की पूरी संभावना बनी हुई है।
चुनावी प्रचार अभियान पर नजर डालें तो कांग्रेस प्रत्याशी हरीश रावत को भाजपा के प्रत्याशी डॉ मोहन सिंह बिष्ट विधानसभा के लगभग सभी क्षेत्रों में कड़ी चुनौती देते हुए नजर आए। प्रचार अभियान के दौरान बिंदुखत्ता व लालकुआं से लेकर बरेली रोड हो या गौलापार- चोरगलिया सभी क्षेत्रों में बीजेपी प्रत्याशी डॉ मोहन सिंह बिष्ट से हरीश रावत को कड़ी चुनौती मिली। इस बात को स्वयं हरीश रावत भी मीडिया के समक्ष दिए एक बयान में कह चुके हैं।
अब देखने वाली बात यह होगी कि आगामी 10 मार्च को मतदाताओं का क्या फैसला होता है फिलहाल चाय की दुकान से लेकर गांव गलियारे में राजनीतिक दलों के नेताओं के अलावा आम जनता भी गुणा भाग में जुटी हुई है लेकिन मजेदार बात यह है कि राजनीतिक विशेषज्ञ भी इस सीट पर जनता का फैसला क्या होगा उलझ कर रह गए हैं जिसकी मुख्य वजह एक तरफ जहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री चेहरा हरीश रावत हैं वहीं दूसरी ओर क्षेत्र की जनता में गहरी पैठ रखने वाले बीजेपी प्रत्याशी डॉ मोहन सिंह बिष्ट मैदान में है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्षेत्र की जनता किसे सरताज बनाती है इसका फैसला आगामी 10 मार्च को ही हो सकेगा।
- अब दोनों ही दलों के समर्थक भी मान रहे कड़ी टक्कर
लालकुआं। मतदान के बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों के समर्थक जहां अपनी अपनी भारी जीत को लेकर प्रबल दावा कर रहे थे अब विधानसभा के विभिन्न बूथों से मिल रहे फीडबैक के बाद कड़ी टक्कर मान रहे हैं।
बहरहाल तमाम गुणा भाग लगाकर कड़ी टक्कर तो मान रहे हैं तथा साथ ही अपने-अपने प्रत्याशी की जीत का दावा भी कर रहे हैं।
- बिंदुखत्ता की भूमिका निर्णायक रहने की संभावना
लालकुआं। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो जीत हार के फैसले में बिंदुखत्ता की भूमिका निर्णायक रह सकती है। यहां तकरीबन 26 हजार मतदान हुआ है। बिंदुखत्ता के लगभग 50% मतदाता साइलेंट बताए जा रहे हैं , इन मतदाताओं का रुझान किस ओर रहा राजनीतिक जानकर भी मतदाताओं का मन टटोलने में नाकाम रहे है। मतदाताओं की खामोशी ने फिलहाल राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ा दी है।
- सर्विस मतदाताओं की भूमिका भी हो सकती है निर्णायक
लालकुआं। कांटे के इस मुकाबले में जीत हार का फैसला जहां बहुत कम मतों के अंतर से होने की संभावना जताई जा रही है ऐसे में सर्विस मतदाता भी निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। बता दें कि इस सीट पर सर्विस मतदाताओं की संख्या 1077 है।
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